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‘सर’ बतायें, घेराव करें या अनशन?

विभिन्न कारणों से पिछले छह महीने से वेतन भुगतान बाधित होने से परेशान इंटर कालेज मझौली के शिक्षक व कर्मचारी सोमवार को राजकीय इंटर कालेज में प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक के पास पहुंच गये और उनसे सीधा सवाल किया कि सर आप ही बतायें कि हम लोग वेतन के लिए आपका घेराव करें या फिर आपके कार्यालय के सामने अनशन करें।

सवाल सुन कर सकपकाये जिला विद्यालय निरीक्षक ने उनकी बात सुनी और फिर प्रधानाचार्य से बात कर वेतन भुगतान कराने का आश्वासन दिया।

उल्लेखनीय है कि इंटर कालेज मझौली में पिछले लगभग छह महीने से शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन भुगतान बाधित है। भुगतान न होने से आक्रोशित शिक्षकों ने हड़ताल की, धरना-प्रदर्शन भी किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

हड़ताल के चलते पढ़ाई बाधित होने पर विद्यालय के छात्रों ने पिछले दिनों तोड़फोड़ भी की थी। इसके बावजूद उच्च न्यायालय, सीबीसीआईडी और कई अन्य कारणों को दिखाते हुए वेतन भुगतान नहीं किया गया।

आर्थिक तंगी के शिकार हो चुके शिक्षकों व कर्मचारियों का सब्र सोमवार को टूट गया और वे समूह में राजकीय इंटर कालेज में पहुंच गये। वहां अपने कमरे में मौजूद प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक छोटेलाल के सामने सभी शिक्षक जा धमके और पहुंचते ही सवाल दागा ‘सर आप ही बतायें कि हम आपका घेराव करें या आपके कार्यालय के सामने धरना दें?

पिछले छह माह से हमें वेतन नहीं मिल रहा है।’ कार्यालय पहुंचने वालों में शिक्षिकाएं व महिला कर्मचारी भी थीं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने शिक्षकों से उनकी बात सुनी और फिर प्रधानाचार्य से बात कराने को कहा। मौके पर प्रधानाचार्य नहीं थे, फिर भी जिला विद्यालय निरीक्षक ने आश्वस्त किया कि वे प्रधानाचार्य से बात कर वेतन भुगतान सुनिश्चित करेंगे।

थोड़ी ही देर में प्रधानाचार्य भी पहुंच गये। उनसे बातचीत के बाद प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक ने आश्वस्त किया कि एक-दो दिन में भुगतान करा दिया जायेगा।

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