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4 जून, 2020|1:26|IST

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वर्ष 2009: पटरी पर लौटा राजमार्ग विकास का काम

वर्ष 2009: पटरी पर लौटा राजमार्ग विकास का काम

वर्ष 2008 में धीमी गतिविधियों के बाद देश भर में राजमार्ग का विकास फिर से जोर पकड़ने लगा है। सरकार की ओर से वर्ष 2009 में 20,000 करोड़ रुपये की राजमार्ग परियोजनाओं के आवंटन का असर सड़क विकास से जुड़ी गतिविधियों में तेजी के रूप में देखा जा सकता है।
  
इसी वर्ष मुंबई में देश का पहला और सबसे लंबे समुद्री पुल का श्रीगणेश हुआ जिससे मुंबईवासियों की परिवहन संबंधी समस्या कुछ कम हुई। पिछले साल राजमार्ग नियामक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) वैश्विक मंदी के कारण अपनी कुल परियोजनाओं में से 80 फीसदी के लिये बोलीदाताओं को आकर्षित करने में विफल रहा था।
  
एक अधिकारी ने कहा कि आर्थिक गतिविधियों में तेजी के साथ परिवहन मंत्रालय चालू वित्त वर्ष के अंत तक 24 और परियोजनाओं के लिये बोली आमंत्रित करने हेतु तैयारी कर रहा है। मंत्रालय को बोली के संबंध में अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है। इस साल मई में मंत्रालय की ओर से उठाये गये कदम से राजमार्ग विकास परियोजनाओं में गति आई है। मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम (एनएचडीपी) के तहत एक लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 12,000 किलोमीटर सड़क के निर्माण से जुड़ी कार्य योजना को तैयार किया।
  
परिवहन मंत्री कमलनाथ ने हाल ही में कहा था कि वित्त वर्ष 2010-11 के लिये तीन लाख करोड़ रुपये के निवेश से 12,000 किलोमीटर सड़क के विकास के लिये एनएचएआई ने कार्ययोजना तैयार कर ली है।

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  • Web Title: पटरी पर लौटा राजमार्ग विकास का काम