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मृत्युदंड से बचने के लिए हेडली दे रहा है सहयोग

मृत्युदंड से बचने के लिए हेडली दे रहा है सहयोग

आतंकी हमलों में आपराधिक साजिश रचने का आरोपी लश्कर-ए-तैयब्बा का सदस्य और पाकिस्तान मूल का अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली मृत्युदंड से बचने के लिए एफबीआई का मुखबिर बन गया लगता है।

49 साल के हेडली को फेडरल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टीगेशन ने तीन अक्टूबर को गिरफ्तार किया था और उसपर मुंबई आतंकी हमलों में शामिल होने के आरोप लगाए गए। इन हमलों में छह अमेरिकी सहित 166 लोग मारे गए थे।

हेडली के खिलाफ मामला इतना सख्त है कि उसके जेल से बाहर आ पाने की संभावना नगण्य है और वह मौत की सजा भी पा सकता है। फिलाडेल्फिया इंक्वायरर अखबार में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, लेकिन समय लेकर, हेडली मत्युदंड से बच सकता है।

हालांकि इससे पहले भी कम से कम दो बार सरकारी मुखबिर बन हेडली ने अपनी सजा कम करा ली थी और इसबार भी वह मौत की सजा से बचने के लिए मुखबिर बन गया है।

हेडली के खिलाफ एफबीआई द्वारा दायर किए गए आरोप पत्र में इस बात के संकेत मिले हैं। आरोप पत्र में फेडरल जांचकर्ताओं ने कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। उसने खुद को निर्दोष बताया है।

अदालत के दस्तावेजों के अनुसार हेडली जिसका पुराना नाम दाउद गिलानी है, को पहले भी दो बार नशीले पदार्थों के आरोप में गिरफ्तार किया चुका है और दोनों ही मौके पर उसकी सजा कम कर दी गई। वह ड्रग प्रवर्तन एजेंसियों का मुखबिर बन जेल से पहले ही छूट गया।

1988 में दो किलो हेरोईन के साथ उसकी हुई गिरफ्तारी के बारे में इस अखबार का कहना है, उसे तोड़ना मुश्किल नहीं था। दिन ढ़लने से पहले ही उसने खुद को बचाने के लिए अमेरिकी ड्रग एजेंटों को अपने ड्रग कारोबार के साथियों के खिलाफ सहयोग करने का फैसला कर लिया।

अखबार के अनुसार, यह उसके ड्रग प्रवर्तन अधिकारियों के साथ एक विश्वासपात्र मुखबिर संबंध की शुरुआत थी। यह रिश्ता 10 साल से ज्यादा तक चला। रिकॉर्डों और इंक्वायरर के साक्षात्कारों के आधार पर समाचार पत्र ने बताया कि 1990 के आखिर में पाकिस्तान से आ रही हेरोईन के मामले में ड्रग प्रवर्तन एजेंसी के मुखबिर के तौर पर वह इतना मददगार था कि अभियोजन पक्ष ने एक विरला कदम उठाया। उन्होंने हेडली को मुक्त कर दिया और उसे स्वतंत्र यात्रा करने की इजाजत दे दी गई। इसके कुछ हफ्तों बाद ही उसने पाकिस्तान में आतंकवादियों के साथ प्रशिक्षण शुरू किया।

हेडली को एक बार फिर 1997 में न्यूयॉर्क से गिरफ्तार किया गया। इस बार वह नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त था लेकिन इस बार भी वह अपने दोस्तों के खिलाफ गवाही देकर हल्के में छूट गया।

फिलाडेल्फिया इंक्वायरर समाचार पत्र ने कहा, एक बार फिर (अपनी हालिया गिरफ्तारी के बाद) हेडली ने पाला बदल लिया। अभियोजकों का कहना है कि उसने स्वीकार किया कि वह जेहादी शिविरों में जाता था और डेनमार्क और भारत में आतंकी साजिशों एवं 2008 के खौफनाक मुंबई हमलों के लिए उसने टोही फोटो लेने और निगरानी का काम किया।

हेडली के खिलाफ एफबीआई ने भारत और डेनमार्क में आतंकवादी षडयंत्र में शामिल होने और उन्हें सामान मुहैया कराने का आरोप लगाया है। हेडली मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को होनी है।

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