class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अब एमएमएस से भी कर सकेंगे शिकायत

यदि आप आरटीआई से किसी विभाग की जानकारी चाहते हैं तो एक महीने तक इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नये साल से सभी विभागों की पूरी जानकारी एक ही केंद्र पर मिलने लगेगी। इसके लिए आपको दस रुपए नहीं बल्कि पांच ही रुपए खर्च करना पड़ेगा।

जिला मुख्यालय पर लगने वाले टच स्क्रीन सेवा से विभागों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। यह यूपी का पहला जिला होगा जहां टच स्क्रीन सेवा से आरटीआई की जानकारी मिलेगी ।

नववर्ष पर लोगों को सौगात देने के लिए जिला प्रशासन ने कई नई योजनाएं शुरू करने जा रहा है। इसके लिए तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं। इनमें टच स्क्रीन सेवा, एसएमएस से बच्चों के टीकाकरण की जानकारी, लेखपालों के मोबाइल पर आवेदकों की जानकारी आदि शामिल है।

डीएम दीपक अग्रवाल ने बताया कि जनसूचना अधिकार के तहत जानकारी के लिए लोगों को विभागों के चक्कर काटने और एक महीने तक इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मुख्यालय पर टच स्क्रीन सेवा का शुभारंभ किया जा रहा है।

इसमें सभी विभागों के आंकड़े समेत विभाग की पूरी जानकारी फीड किये जाएंगे और उन्हें अपडेट किया जाता रहेगा। यह सेवा इंटरनेट के कनेक्टर होगी। एचसीएल और पलास नामक आईटी कंपनी की मदद ली जा रही है। एक टच स्क्रीन लगाने में करीब 1.50 लाख रुपए की आ रही है।

उन्होंने बताया कि टेलीफोन बू्थ की तरह टचस्क्रीन मशीन में पांच रुपए का सिक्का डालकर संबंधित विभाग की जानकारी हिन्दी/अंग्रेजी भाषा में मिल जाएगी। यदि कोई प्रिंट लेना चाहता है तो प्रिंटर में कागज लगाकर प्रिंट भी सकता है।

यूपी का पहला जिला होगा जहां टच स्क्रीन सेवा से आरटीआई की जानकारी लोगों को मिलेगी।
मिलने वाली अन्य सुविधाएं- डीएम ने बताया कि सेक्टर 19, सदर, दादरी, जेवर व कलक्ट्रेट पर जनसुविधा केंद्र खोले जा रहे हैं।

यहां से लोगों को जाति, आय, निवास, जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र, विधवा पेंशन और राशनकार्ड के लिए आवेदन पत्र मिलेंगे। जनसुविधा केंद्र में सभी लेखपालों के मोबाइन नंबर साफ्टवेयर में फीड किये जा रहे हैं।

उन्हें एसएमएस से अपने क्षेत्र के आवेदकों के आवेदन पत्रों की पूरी जानकारी मिलेगी ताकि वह एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट लगा सकें। इस सुविधा से आवेदकों को लेखपालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सभी जनसेवा केंद्र आइलाइन साफ्टवेयर से जुड़े होंगे। व्यक्ति किसी भी सेंटर पर आवेदन कर सकता है।

प्रमाण पत्रों की फीस 15 रुपए निर्धारित की गई है लेकिन यदि किसी को तत्काल जरूरत है तो 24 घंटे के अंदर दो गुनी फीस जमा करने पर प्रमाणपत्र मिल जाएगा। इससे फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से पाबंदी लगेगी

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:अब एमएमएस से भी कर सकेंगे शिकायत