DA Image
26 मई, 2020|5:40|IST

अगली स्टोरी

ओबीसी में मुसलमानों को आरक्षण की तैयारी

केंद्र सरकार शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मुसलमानों को आरक्षण देने की तैयारी कर रही है। यूपीए सरकार ओबीसी आरक्षण में पांच से सात फीसदी सीट मुसलमानों के लिए आरक्षित करने पर विचार कर रही है। सरकार चाहती है कि इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द अमलीजामा पहना दिया जाए।

अल्पसंख्यक मंत्रालय का कहना है कि मौजूदा स्थितियों में मुसलमानों को अलग से आरक्षण नहीं दिया जा सकता। ऐसे में आरक्षण के अंदर आरक्षण एक बेहतर विकल्प है। लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र में कांग्रेस ने मुसलमानों को केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की तर्ज पर आरक्षण देने का वादा किया है। रंगनाथ मिश्र आयोग ने भी मुसलमानों को 15 फीसदी आरक्षण देने की सिफारिश की है।

पार्टी की नजर बिहार और उत्तर प्रदेश पर भी है। कांग्रेस, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अति पिछड़ा वर्ग वोट बैंक में भी सेंध लगाना चाहती है। वहीं, उप्र में मुस्लिम ओबीसी की अच्छी खासी तादाद है। ऐसे में आरक्षण के अंदर आरक्षण से कांग्रेस को सियासी फायदा होगा। ओबीसी के लिए नौकरियों और शिक्षा में 27 फीसदी आरक्षण है।
रंगनाथ मिश्र आयोग की रिपोर्ट 16 दिसंबर को संसद में पेश होगी। अल्पसंख्यक मंत्रालय ने लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार से रिपोर्ट पेश करने की इजाजत मांगी है।
क्या कहती है सच्चर समिति: मुस्लिम ओबीसी के बारे में सच्चर समिति की रिपोर्ट कहती है कि सरकारी नौकरियों में हिंदू ओबीसी की तुलना में मुस्लिम ओबीसी की हिस्सेदारी 67 फीसदी कम है। शिक्षा के क्षेत्र में मुसलिम ओबीसी की स्थिति बेहद खराब है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:ओबीसी में मुसलमानों को आरक्षण की तैयारी