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नम्बर वन का जलवा

नम्बर एक होना कोई हँसी-ठठ्ठा नहीं है। इतने दिनों से जी-जान से लगे हैं। न आबादी में हो पाये हैं, न भ्रष्टाचार में। कहीं चीन से पिछड़ते हैं, कहीं किसी और पड़ौसी से। कभी हाकी में थे। उसका गाना आज तक गाते हैं। ठगी और धोखाधड़ी में अपना सानी नहीं है। दुर्भाग्य से उसकी कोई प्रतियोगिता नहीं है। ढोंग-पाखंड में भी अपना मुकाबला नहीं है। इसके लिये कतई दूर जाने की दरकार नहीं है। नेता जमात की किसी भी बड़की हस्ती को देख लो, नहीं तो धर्म-प्रवचन के किसी भी मठाधीश को। पता लग जायेगा। पर इस सरल और अनूठे धंधे का कोई अंतरराष्ट्रीय कम्पटीशन क्यों नहीं है?
ऐसा ही कुछ हिसाब भारतीय बॉलीवुड का है। उसके सामने हॉलीवुड की चीं बोली हुई है। भारतीय फिल्में लाखों डॉलर कमाती हैं। आलम यह है कि कुछ फिल्में तो विदेशों में बसे भारतीयों के लिये ही बनाई जाती हैं। अभी तक हिन्दी फिल्मों में हॉलीवुड की पटकथा, सीन और थीम का हूबहू प्रचलन था। नायिकाओं की पोशाक अथवा उनके अभाव का अनुकरण तो हम पहले ही कर चुके हैं। उससे एक कदम आगे भी निकल चुके हैं। वह जरा हमारी फिल्मों की तरह से पेड़ का चक्कर लगाकर नाचते-गाते प्रेम के इजहार का करतब करके दिखायें, तो हम भी मानें कि वह हमसे इक्कीस हैं। अपन शर्त लगाने को तैयार हैं। उनकी नायिकाओं के छक्के टूटेंगे जब वह चक्कर खाकर धराशायी होंगी। ऐसी ढेंरो, उपलब्धियों के वाबजूद भी बॉलीवुड अव्वल नहीं है। वह प्रतिष्ठा अभी भी हॉलीवुड ने हथिया रखी है। हिंदी के सामने अंग्रेजी की हेठी के समान। मसला, कहीं न कहीं आत्मविश्वास की कमी का है वर्ना क्यों हमारे निर्माता, निदेशक, अभिनेता ऑस्कर के लिये ऐसे बेकरार रहते जैसे चिड़िया घोंसले के लिये। चिड़िया की परेशानी तो जाड़ों तक सीमित है। फिल्मवाले तो रात-दिन ऑस्कर का नाम यों रटते हैं ज्यों कोई धर्मभीरू ईश्वर का।
जानते हैं, नम्बर वन होना कितना कठिन है। हालिया हिन्दुस्तानी क्रिकेट टीम ने नम्बर वन की हैसियत पाई तो खुशी में हमने हर आगन्तुक को गुड़-चना खिलाया। वह भी जब जेबों पर कीमतों का बड़ा आतंक हावी है। आज लोग आने वाले को पानी तक को नहीं पूछते हैं। खिलाड़ियों को जीत के जश्न में पच्चीस-पच्चीस लाख मिले, अपने पच्चीस रुपये तो कम से कम डूबे ही! पड़ौसी ने हमें समझाया- ‘भैया, स्थायी नम्बर वन पर तो कीमतें हैं, क्रिकेट का क्या भरोसा! आज है कल न हो। करोड़ों कमाये हैं व्यापारियों ने। तुम यह तै कर लो कि किसके नम्बर वन का उत्सव मना रहे हो?’

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