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स्कूली बच्चों सीखेंगे दांतों के रोग से बचने के गुर

दांत व मुंह की बीमारियों से मुक्ति दिलाने के लिए प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इसके तहत पहले राज्य के डेंटल सर्जनों को आधुनिक तकनीक से अपडेट कराया जा रहा है।

कंटीन्यू डेंटल एजुकेशन कार्यक्रम में डेंटल हैल्थ सर्विस के निदेशक डा. प्रवीण सेठी ने रविवार को यहां यह जानकारी दी।

 डा. सेठी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को दांतों और मुंह से संबंधित बीमारियों व उनके बचाव की जानकारी देने के लिए दंत चिकित्सकों को नई तकनकी से अवगत कराया जा रहा है। इस सिलसिले में रोहतक में विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इसमें रोहतक, भिवानी, गुडगांव, फरीदाबाद, मेवात, हिसार, महेन्द्रगढ़, रेवाड़ी, पलवल व झज्जर के सरकारी डेंटल डॉक्टरों ने भाग लिया। विभाग द्वारा इससे पूर्व छह दिसंबर को पंचकूला में 11 जिलों के डेंटल डॉक्टरों को इस क्षेत्र की नई चिकित्सा पद्धतियों से अवगत करवाया जा चुका है।

कार्यशाला के दौरान डॉ. प्रवीन ने कहा कि दांतांे व मुंह की बीमारियों के प्रति ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को कम जानकारी है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा घर-घर में यह सेवाएं पहुंचाने के लिए स्कूल हैल्थ डेंटल कार्यक्रम पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि सभी दंत चिकित्सक मुंह की बदबू, मसूडों से खून निकलना, पेट में कीड़े होना, दांतो में कीड़े लगना आदि के प्रति बच्चों को जागरूक करें।

प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक प्राइमरी हैल्थ सेंटर पर एक डेंटल सर्जन की नियुक्ति भी की गई है। डेंटल कॉलेज रोहतक के प्रिंसिपल डॉ. संजय तिवारी ने रिसेंट एंडवासमैंट इन कंजरवेटिव डेंटिसटीरी एंड इंडोडोंटीक्सि विषय पर डॉक्टरों को विशेष जानकारी दी जा रही।

इस कार्यक्रम में दस जिलो के 200 से भी ज्यादा चिकित्सकों ने भाग लिया। इस मौके पर डॉ. समीर दत्ता ने स्कूल डेंटल हैल्थ विषय पर और डॉ. आरके शर्मा ने डिसीजन मेंकिग इन पिरियोडोनटिक्स विषय पर अपने विचार डॉक्टरो से सांझा किए।

डॉ. विशाल मोंगिया ने कहा कि दंत चिकित्सा के क्षेत्र में नई तकनीकों के आने से बीमारी के इलाज के लिए चिकित्सकों को काफी सुविधाएं मिली हैं।

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