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कंप्यूटर तकनीक से जुड़ा सेहत का भविष्य

मौजूदा दौर में डॉक्टर कंप्यूटर और मॉनिटरिंग सिस्टम के आगे बैठकर मरीज की बीमारी जांचते हैं। कंप्यूटर की बदौलत ही ये संभव हो पाया है कि मानव के प्रत्येक अंग की कंप्यूटर द्वारा जांच की जा सके। वर्तमान में टेलीमेडिसिन और वीडियो कंसलटेंसी आम बात हो चुकी है। सच ये है कि कंप्यूटर टेक्नोलॉजी में हुई वृद्धि की वजह से हेल्थ केयर सेक्टर में अन्य सेक्टरों की तुलना में काफी बदलाव आया है। इस क्षेत्र में आई बढ़ोतरी का प्रमुख कारण है कंप्यूटर और मजबूत अर्थव्यवस्था।
टेलीमेडिसिन
टेलीमेडिसिन, क्लिनिकल मेडिसिन का तेजी से बढ़ता हुए एप्लीकेशन है जहां मेडिकल इंफॉर्मेशन का आदान-प्रदान फोन या इंटरनेट के द्वारा होता है। कभी-कभी इसमें सलाह लेने के लिए अन्य नेटवर्क का भी प्रयोग किया जाता है। टेलीमेडिसिन एक आसान चिकित्सा है। यह बिलकुल वैसी ही है जैसे दो हेल्थ प्रोफेशनल फोन पर बात कर रहे हों। यही नहीं, इसके मार्फत अलग-अलग मुल्कों में बैठे डॉक्टर एक ही समय पर सेटेलाइट टेक्नोलॉजी और वीडियो कांफ्रेसिंग इक्विपमेंट के द्वारा बात कर सकते हैं। सामान्यत: टेलीमेडिसिन, क्लिनिकल केयर की डिलीवरी के लिए कम्युनिकेशन और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है।
संभावनाओं की कमी नहीं  
योजना आयोग की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में छह लाख डॉक्टरों, दस लाख नर्सो और दो लाख डेंटल सजर्नों की जरूरत है। 200 मेडिकल कॉलेजों और 143 फार्मेसी कालेजों में से सिर्फ 25,000 डॉक्टर ही फिलहाल निकल पा रहे हैं। अत: डाक्टरों की जरूरत अपनी जगह बनी हुई है। इस क्षेत्र में पश्चिमी देशों में भी उज्जवल संभावनाएं हैं।
‘द इंडियन नर्सिग काउंसिल’ नर्सिग प्रोफेशनल्स को आधुनिक तकनीकी विकास की जानकारी भी दे रहा है ताकि हेल्थकेयर के विकास में और तेजी आए। फार्मा कंपनियां भारतीय बाजार में नये उत्पाद बड़ी तेजी से लांच कर रही हैं और इसके साथ-साथ फायदा कमाने के लिए भारत में ‘रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर’ भी स्थापित कर रही हैं।’
मेडिकल से जुड़े क्षेत्र
मेडिकल उपकरणों का भी मार्केट तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस समय 65 प्रतिशत मेडिकल उपकरण विदेशों से आयात किए जाते हैं। अत: इस क्षेत्र में भी संभावनाएं कम नहीं हैं। हेल्थकेयर से ही जुड़ा क्षेत्र मेडिकल इंश्योरेंस का है। इस क्षेत्र में भी तमाम अवसर मौजूद हैं क्योंकि भारत में सिर्फ 10 प्रतिशत लोग ही मेडिकल इंश्योरेंस का फायदा ले पा रहे हैं। गत कुछ वर्षो से इंश्योरेंस के क्षेत्र में इतनी तेजी से विकास हुआ है और अभी तक चल रहा है कि इस वक्त भारत का इंश्योरेंस मार्केट 50 प्रतिशत की दर से वृद्धि कर रहा है।

रोचक तथ्य
इंटेल के सह-संस्थापक गॉर्डन मूर दूरदृष्टा थे। 1965 में उनके द्वारा दिए गए मूर नियम में कहा गया था कि प्रत्येक दो वर्ष में चिप के ट्रांजिस्टरों की संख्या दोगुनी हो जाती है और इंटेल 40 वर्ष से लगातार इस तेज गति से काम कर रहा है। ट्रांजिस्टरों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। प्रोसेसिंग क्षमता को मिलियन ऑफ इंस्ट्रुक्शन प्रति सेकेंड (एमआईपीएस) में नापा जाता है, जिसमें दिन-ब-दिन बढ़ोतरी हो रही है। सिलिकॉन आधारित टेक्नोलॉजी उत्पादन के लिहाज से सस्ती है और शाक्तिशाली भी। साथ ही इसका रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल भी जबरदस्त हो रहा है। मूर लॉ की बदौलत आप आने वाले समय में निम्न संभावनाओं के बारे में अंदाजा लगा सकते हैं।
रियल टाइम नेचुरल लैंग्वेज ट्रांसलेशन: किसी अन्य मुल्क के व्यक्ति से बात करने के दौरान ही रियल टाइम पर उसका आपकी भाषा में अनुवाद हो जाएगा। वहीं फेशियल रिकगनिशन तकनीक और ऑटो शॉफर तकनीक भी संभव होगी।

शेयर ट्रेडिंग में कंप्यूटर
तेज रफ्तार जिंदगी में शेयर बाजार के बारे में जानकारी करने और खरीद-फरोख्त के लिए टेलीफोन पर दिन भर आखिर कौन जमे रहना चाहता है। आज के दौर में शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने के लिए आपको तमाम फोन कनेक्शंस की जरूरत नहीं है। स्टॉक और म्यूचुअल फंड से जुड़े लोगों के लिए अब कंप्यूटर द्वारा ट्रेडिंग करने की सुविधा मौजूद है। ऑनलाइन ट्रेडिंग के द्वारा अब आप घर बैठे ही कंप्यूटर के मार्फत ट्रेडिंग कर सकते हैं। यही नहीं, आप कहीं पर भी ट्रेडिंग कर सकते हैं। पांच पैसाडॉटकॉम, रेलीगेयर, इंडिया इंफोलाइन, शेयरखानडॉटकॉम, एंजिलब्रोकिंगडॉटकॉम आदि कुछ ऐसी साइट्स हैं जिनके द्वारा आप स्टॉक की खरीद-फरोख्त कर सकते हैं।


सोशल नेटवर्किंग

क्या आपको इस बात को लेकर हताशा रहती है कि आप अपने दोस्तों और सहयोगियों से लगातार संपर्क में नहीं रह पाते, लेकिन कंप्यूटर ने आपकी मुश्किल को काफी हद तक आसान कर दिया है। कंप्यूटर टेक्नोलॉजी ने देश की सरहदों को तोड़ दिया है। अब आपका दोस्त किसी भी मुल्क में हो कंप्यूटर के द्वारा आप उसके संपर्क में बने रह सकते हैं। इंटरनेट पर कई सोशल नेटवर्किंग साइट्स मौजूद हैं जिसमें ऑरकुट, ट्व्टिर, फेसबुक, याहू, रेडिफबोल आदि प्रमुख हैं। इन सोशल नेटवर्किंग साइट्स के मार्फत आप अपने दोस्तों के लगातार संपर्क में रह सकते हैं।

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