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मुख्यमंत्री खुद पढ़ाएंगे समेकित खेती का पाठ

सूबे के खेतों में चलने वाले स्कूल गांवों में विखेरेंगे सप्तरंगी छटा। समेकित खेती को बढ़ावा देने के वाले अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 20 दिसम्बर को लांच करेंगे।

वे उसी दिन 1078 फार्म स्कूल और दो हजार फार्मर्स फिल्ड स्कूलों का भी विधिवत उद्धाटन करेंगे। इसके लिए श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्कूलों के संचालकों और प्रतिनिधियों को खुद पढ़ाएंगे समेकित खेती का पाठ।

  फिर तो एक एकड़ भूमि का मालिक भी खेती से अपने पूरे परिवार का न सिर्फ पेट भर सकेगा बल्कि हर आवश्यक जरूरतों को भी पूरा कर लेगा।

राज्य सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत सूबे के खेतों में शुरू किये गये 3078 स्कूलों के माध्यम से किसानों को समेकित खेती की जानकारी देने का फैसला किया है। इसके लिए पहले इन स्कूलों के संचालकों और प्रतिनिधियों को इसके लाभ से अवगत कराया जाएगा।

उसके बाद योजना के तहत प्रखंड में दो किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षित किसानों को खेती करने के  लिए दस हजार रुपये का अनुदान भी सरकार देगी। उधर लर्निग बाई डूईंग के आधार पर शुरू किये गये फार्मर्स फिल्ड स्कूल और फार्म स्कूलों में सबके पास ढाई एकड़ जमीन होगी जिसमें 25 किसान शिक्षा ग्रहण करेंगे।

जमीन एक या उससे अधिक किसानों की हो सकती है जो दस से पंद्रह सप्ताह के लिए स्कूल के पास रहेगी। हालांकि इन स्कूलों में किसानों को खेती की कई और नई तकनीक की भी जानकारी दी जाएगी।

सरकार का मानना है कि लघु और सीमांत किसानों के पास इतनी भूमि नहीं होती कि वे खेती से अपनी हर आवश्यकता पूरी कर सकें। नतीजा होता है कि उनके घर के युवक मजदूरी के लिए राज्य के बाहर चले जाते हैं। इसे रोकने के लिए ही सरकार ऐसी व्यवस्था करने वाली है कि वे उतनी ही भूमि में सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। 

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