class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कानून के दायरे में न आने वाले विभागों की संख्या कम करेंगे: चह्वाण

सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) को और पारदर्शी बनाने तथा उसकी जटिलताओं व अन्य कानूनी खामियों को दूर करने के लिए इस कानून में संशोधन किया जाएगा।

इस बारे में प्रशासनिक सुधार आयोग की रिपोर्ट में मिले सुझावों तथा एक निजी संस्था की ओर से करवाए गए सर्वे के आधार पर समीक्षा की जा रही है। कोशिश इस बात की भी हो रही है कि उन विभागों की संख्या और कम की जाए, जिन्हें इस कानून से मुक्त रखा गया है।

यह जानकारी विज्ञान प्रौद्योगिकी, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पृथ्वीराज चह्वाण ने संवाददाताओं से बातचीत में दी। ट्रिपलआईटी में आयोजित साइंस कान्क्लेव में आए श्री चाह्वण का मानना है कि देश की सुरक्षा को छोड़ सभी प्रकार की सूचनाएँ आरटीआई एक्ट के दायरे में आनी चाहिए।

इतना ही नहीं इन्हें अपनी सभी प्रकार की जानकारी को वेबसाइट पर डाउनलोड कर उसे निरंतर अपडेट भी करते रहना चाहिए ताकि लोगों को सूचना माँगने की जरूरत ही न पड़े।

उन्होंने इस कानून को यूपीए सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस कानून में संशोधन सिविल सोसाइटी, एनजीओ से वार्ता के बाद ही किया जाएगा। संसदीय कार्य राज्य मंत्री चह्वाण ने कहा कि सरकार संसद के वर्तमान सत्र में किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है।

यह जरूर है कि इस सत्र में वित्तीय मामलों पर चर्चा को ज्यादा वक्त देने की कोशिश की जा रही है। गंगा के संबंध में मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इसे राष्ट्रीय नदी घोषित करने के साथ ही गंगा जल को शुद्ध करने के लिए एक्शन प्लान भी बनाया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सूचना अधिकार कानून को और पारदर्शी बनाएँगे