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चतरा की दो सीट पर शांतिपूर्ण चुनाव कराना चुनौती

सूबे में पूरे हुए चार चरण के मतदान की खास बात यह रही कि हर फेज के विधानसभा चुनाव में 50 से 60 फीसदी के बीच मतदान पड़े। पहले चरण में 25 नवंबर को 26 सीटों पर हुए चुनाव में 52 प्रतिशत वोट पड़े थे। दो दिसंबर को 14 सीटों पर हुए मतदान में 54 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले।

तीसरे चरण के आठ दिसंबर को 11 सीट पर पूरे हुए चुनाव में 55 प्रतिशत वोट पड़े और चौथे चरण में 12 दिसंबर को 14 सीट के लिए 58 फीसदी लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया। राज्य के कुल 81 सीटों में 65 पर चुनाव छिटपुट घटनाओं को छोड़कर पूरे हो चुके हैं।

अब शेष बचे 16 सीटों पर होनेवाले मतदान के घमासान पर सबकी नजरें टिकी हैं। चतरा जिले के दो सीटों चतरा और सिमरिया विधानसभा में चुनाव शांतिपूर्ण कराना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। चूंकि चुनाव शुरू होते ही चतरा जिला लगातार नक्सली घटनाओं को लेकर सुर्खियों में रहा।

यह भी देखना दिलचस्प होगा कि पांचवें और अंतिम चरण के मतदान का प्रतिशत अबतक चार चरण के अनुपात को मेनटेन रख पाता है अथवा नहीं।  इधर हजारीबाग जिले के एक सीट बरकट्ठा पर भी लोगों की नजरें खासतौर पर लगी हैं। बरकट्ठा चुनावी महासमर में कुल 17 उम्मीदवार खड़े हैं।

इनमें कई दिग्गजों भाकपा के भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, भाजपा के अमित कुमार यादव, कांग्रेस के जयशंकर पाठक, झामुमो के कमलनयन सिंह, बसपा के अशोक कपरदार, झाविमो के जानकी यादव, सपा के दिगंबर मेहता आदि की किस्मत 18 दिसंबर को 115 बूथों पर 226531 मतदाता लिखने को तैयार हैं।

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