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आईपीएल कमिश्नर पद से हो सकती है मोदी की छुट्टी

आईपीएल कमिश्नर पद से हो सकती है मोदी की छुट्टी

ललित मोदी की राजस्थान क्रिकेट संघ का नियंत्रण एक बार फिर हासिल करने की उम्मीदें धूमिल होने के एक हफ्ते बाद उन्हें एक नए संकट का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि बीसीसीआई के अंदर एक शक्तिशाली लाबी उन्हें आईपीएल आयुक्त के पद से हटाने की कोशिश कर रही है।

इंडियन प्रीमियर लीग के पहले दो टूर्नामेंटों का सफल आयोजन करने वाले और अपने मार्केटिंग कौशल से बीसीसीआई की तिजोरी भरने वाले मोदी को बीसीसीआई के कुछ अहम पदाधिकारियों से पिछले कुछ समय से परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक मोदी को आईपीएल आयुक्त और अध्यक्ष के पद से हटाने का अभियान बोर्ड के अंदर जोर पकड़ता जा रहा है। सूत्र ने खुलासा किया, बीसीसीआई के अंदर मोदी को आईपीएल अध्यक्ष और आयुक्त के पद से हटाने का अभियान चल रहा है। इसके लिए यह मत दिया जा रहा है कि आईपीएल बीसीसीआई की प्रतियोगिता है और तार्किक तौर पर बीसीसीआई अध्यक्ष को इसका प्रमुख होना चाहिए।

सूत्र ने कहा, इसका मतलब यह नहीं कि आईपीएल को चलाने में मोदी की कोई भूमिका नहीं होगी लेकिन सिर्फ इतना होगा कि वह इसके प्रमुख नहीं होंगे।

बीसीसीआई के किसी अधिकारी ने हालांकि इस मामले में आधिकारिक तौर कुछ नहीं कहा लेकिन बीसीसीआई सचिव एन श्रीनिवासन इस अभियान की अगुआई कर रहे हैं जिनका मोदी के साथ टकराव जगजाहिर है।

इस कदम पर अब तक कार्यकारी समिति की बैठक में औपचारिक चर्चा नहीं हुई है लेकिन समर्थन जुटाने के लिए निजी तौर पर बात चल रही है। सूत्र ने कहा कि कार्यकारी समिति की बैठक में इन चीजों पर चर्चा नहीं हुई। वहां केवल एजेंडे में शामिल चीजों पर ही विस्तत चर्चा होती है, लेकिन हां, पर्दे के पीछे इस पर चर्चा हुई है।

बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर शरद पवार के कार्यकाल के दौरान मोदी को आईपीएल चलाने के लिए पूरी छूट दी गई थी लेकिन शशांक मनोहर के अध्यक्ष पद संभालने के बाद स्थिति ऐसी नहीं रही।

भारत में आम चुनाव के कारण दक्षिण अफ्रीका में हुए आईपीएल के दूसरे टूर्नामेंट के साथ ही मोदी के पर कतरने के प्रयास शुरू हो गये थे। ऐसा पहला प्रयास तब किया गया जब बीसीसीआई ने आईपीएल के इवेंट मैनेजर के तौर पर आईएमजी का अनुबंध रद्द करने का फैसला किया।

मोदी हालांकि आठ में से सात फ्रेंचाइजी का समर्थन जुटाने में कामयाब रहे जिन्होंने पत्र लिखकर इस फैसले पर सवाल उठाये। केवल चेन्नई सुपरकिंग्स ने पत्र नहीं लिखा जिसके श्रीनिवासन सह मालिक हैं।

पवार ने भी इस फैसले की आलोचना की और उनके पत्र ने ही मोदी का पलड़ा भारी कर दिया और बीसीसीआई ने इसके बाद एक बार फिर आईएमजी के साथ करार पर चर्चा की जिसके बाद इस कंपनी की फीस 33 करोड़ से घटाकर 27 करोड़ रुपये कर दी गई।

इस बीच माना जा रहा है कि बीसीसीआई में बदलते समीकरण की जानकारी मोदी को भी है और उन्होंने इसे देखते हुए कभी अपने धुर विरोधी रहे जगमोहन डालमिया की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया है।

मोदी हाल में ईडन गार्डन्स में चल रहे निर्माण कार्य का जायजा लेने के लिए कोलकाता गये थे और इस दौरान उन्होंने लगभग एक घंटे तक डालमिया के साथ बात की। बंगाल क्रिकेट संघ के सूत्रों ने भी इन दोनों के हाथ मिलाने की संभावना के संकेत दिये हैं।

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