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गांवों में बढ रहे हैं विवाह पूर्व यौन संबंधः सर्वेक्षण

गांवों में बढ रहे हैं विवाह पूर्व यौन संबंधः सर्वेक्षण

विवाह पूर्व यौन संबंधों की प्रवृत्ति अब आधुनिक शहरी समाज की बपौती नहीं रही। एक अध्ययन के अनुसार राजस्थान के दस हजार युवक युवतियों में से डेढ़ हजार युवकों और तीन सौ युवतियों ने माना कि उन्होंने शादी से पहले अपने साथी के साथ शारीरिक सम्बध बनाये थे। इनमें ग्रामीण युवकों की संख्या अधिक है। इसी तरह के एक अन्य सर्वेक्षण में कुछ साल पहले एक मैग्जीन ने उस समय हड़कंप मचा दिया था, जब उसने खुलासा किया था कि नवरात्र के दौरान गुजरात में कंडोम की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। गौरतलब है कि नवरात्र के दौरान गुजरात में रात भर युवक-युवतियां गरबा खेलने के लिए घर से बाहर रहते हैं।

अन्तरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान मुम्बई द्वारा 15 से 24 वर्ष के अविवाहित एवं विवाहित युवक और युवतियों तथा 29 साल के अविवाहित पुरुषों पर कराये गये एक सर्वेक्षण में यह तथ्य सामने आया कि राजस्थान में पंद्रह प्रतिशत युवक और दो प्रतिशत युवतियां विवाह से पूर्व अपने साथी के साथ यौन संबंध बना चुके हैं।

अन्तरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान मुम्बई के डॉ राजीव आचार्य ने अध्ययन रिपोर्ट के हवाले से कहा कि यह दर शहरी युवकों के मुकाबले ग्रामीण युवकों में अधिक थी। उन्होंने बताया कि सत्रह प्रतिशत ग्रामीण युवकों की तुलना में शहरी युवक मात्र ग्यारह प्रतिशत थे।

उन्होंने बताया कि अध्ययन के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि किसी भी युवक ने अपने विवाह पूर्व यौन सम्बध की जानकारी अभिभावकों को नहीं दी। उन्होंने बताया कि दो से तीन प्रतिशत युवतियों ने कहा कि उन्होंने यौन सम्बंधों की जानकारी तो अपने अभिभावकों को नहीं दी, लेकिन गर्भनिरोधक विषयों पर चर्चा जरूर की।

रिपोर्ट के अनुसार करीब एक हजार चार सौ युवकों ने स्वीकार किया कि उन्होंने एक से अधिक लड़कियों के साथ संबंध बनाए और चार से छह प्रतिशत युवक और युवतियों ने गर्भनिरोधक साधनों का इस्तेमाल करने की बात कही। इनमें से उन्नीस प्रतिशत युवक और युवतियों ने बताया कि प्रेमी ने उनपर शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाला।

डॉ आचार्य ने कहा कि युवक युवतियों को यौन एवं प्रजनन संबंधी विषयों पर बहुत सीमित जानकारी थी। 34 प्रतिशत युवकों और 47 प्रतिशत युवतियों का मानना था कि प्रथम शारीरिक सम्बंध से गर्भ ठहर सकता है। नब्बे प्रतिशत युवक युवतियों को गर्भनिरोधक तरीकों के बारे में सीमित जानकारी थी।

रिपोर्ट में कहा गया है चौसठ प्रतिशत युवकों और 86 प्रतिशत युवतियों ने एचआईवी और एड्स का नाम तो सुना था, लेकिन इस बारे में उन्हें पूरी जानकारी नहीं थी। अध्ययन में 66 प्रतिशत युवकों और 86 प्रतिशत महिलाओं ने यौन शिक्षा ग्रहण करने की इच्छा जताते हुए कहा कि अध्यापकों या विशेषज्ञों से यौन शिक्षा दी जानी चाहिए।

अध्ययन के अनुसार राजस्थान में कम उम्र में विवाह का सिलसिला अनवरत जारी है यही कारण है कि करीब एक चौथाई युवतियों की शादी पंद्रह साल से पहले हो जाती है तथा साठ प्रतिशत युवतियों का विवाह अठारह साल से पहले हो जाता है।

डॉ केजी संध्या ने अध्ययन के हवाले से कहा कि ग्यारह प्रतिशत युवकों और इक्कीस प्रतिशत युवतियों में मानसिक स्वास्थ्य विसंगति के लक्षण पाये गये। इनमें अधिकांश युवक एवं युवतियों ने बताया कि वे जीवन में उपयोगी भूमिका नहीं निभा रहे हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि विभिन्न कारणों से तनाव और उदासी के कारण ठीक से नींद भी नहीं आती।

तेइस प्रतिशत युवक और तेरह प्रतिशत युवतियां समुदाय द्वारा संचालित गतिविधियों में भाग लेते हैं। अस्सी प्रतिशत युवक और पैसठ प्रतिशत युवतियों का मतदान सूचियों में नाम होने के बावजूद अधिकांश ने मताधिकार का उपयोग नहीं किया।

अध्ययन बताता है कि दस प्रतिशत युवक और पांच में से दो युवतियां कभी स्कूल नहीं गए। वहीं राज्य में मात्र 38 प्रतिशत किशोर और अठारह प्रतिशत किशोरियों ने ही माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा प्राप्त की है। सर्वेक्षण में 46 प्रतिशत युवकों और 63 प्रतिशत युवतियों ने व्यावसायिक प्रशिक्षण ग्रहण करने की इच्छा जताई। इनमें से बारह प्रतिशत युवकों और बाइस प्रतिशत युवतियों ने किसी न किसी तरह का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

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