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सुंदरवन पर भी पड़ रहा है जलवायु परिवर्तन का प्रभाव!

सुंदरवन पर भी पड़ रहा है जलवायु परिवर्तन का प्रभाव!

ग्लोबल वार्मिंग के कारण सुंदरवन में पानी की मात्रा बढ़ने की खबरों के बीच वन्यजीवकर्मियों ने मांग की है कि इलाके में ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव बढ़ने के संबंध में उचित शोध किया जाना चाहिए। वन्यजीवकर्मियों का कहना है कि ऐसा होने पर बंगाल टाइगर और अन्य जीवों पर दुष्प्रभाव पड़ेगा।

वन्यप्राणियों से जुड़े संगठन नेचर, एनवायरनमेंट एंड वाइल्डलाइफ सोसाइटी के सचिव विश्वजीत रॉय चौधरी ने दावा किया कि सुंदरवन में जलवायु परिवर्तन के कारण जलस्तर और खारापन बढ़ रहा है, लेकिन इस पर अब तक कोई उचित शोध नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा जलस्तर बढ़ने के कारण खारापन भी बढ़ रहा है। बाघों समेत सभी वन्यजीवों में खारापन सहन करने की क्षमता का एक स्तर है। अगर यह ऐसे ही बढ़ता रहा, तो वन्यजीव इससे बुरी तरह प्रभावित होंगे।

उन्होंने दावा किया कि सुंदरवन में किसी समय स्वांप हिरण और पानी की भैंसे मिलती थीं, जो अब गायब हो चुकी हैं। राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य रॉय चौधरी ने कहा यहां तक कि ब्राइंग डीयर भी अब नहीं दिखते।

सुंदरवन बायोस्फीयर रिजर्व (एसबीआर) के निदेशक प्रदीप व्यास ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन और जलस्तर में इजाफे पर एक उचित शोध होना चाहिए। वर्तमान में इस पर कोई ठोस शोध उपलब्ध नहीं है।

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