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पुलिस भर्ती घोटालाः अब सबूत जुटाने में लगी पुलिस

पुलिस भर्ती घोटाले में फरार चल रहे रितेश सिन्हा और ऋषिपाल मौर्य समेत चारों अभियुक्त पुलिस के हाथ नहीं लग पा रहे हैं। इनकी तलाश में दोनो पुलिस टीमें जहां भी गई है, वहां से उन्हें असफलता ही हाथ लगी है।

अब पुलिस गिरफ्तारी के बजाय सबूत जुटाने में लग गई है। शनिवार को इसी के चलते जांच अधिकारी लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। उधर, बसपा नेता हर कीमत पर धूम सिंह को जेल से बाहर लाने के प्रयास में लगे हैं। सोमवार को उसकी जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी।

पुलिस पर पहले से ही यह दबाव है कि धूम सिंह सैनी की रिकार्डिग और सीडी समेत वह सबूत कोर्ट में दाखिल न किए जाए, जिससे उसकी जमानत न हो। इसी के चलते थाना सदर बाजार के प्रभारी निरीक्षक आरपी दुबे को मुजफ्फरनगर स्थानांतरित करा दिया गया।

सोमवार को पुलिस की स्थिति क्या रहेगी, सभी की नजरें इसी पर लगी हुई है। मुख्य अभियुक्त रितेश सिन्हा और ऋषिपाल मौर्य की गिरफ्तारी को गई दोनो टीमें बैरंग ही लौट आई है। इन दोनो के अलावा धर्मेद्र और सोनू भी पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं।

अब पुलिस इनकी गिरफ्तारी के बजाय सबूतों को इक्ट्टठा करने में जुट गई है। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण पुलिस अधिकारी भी कोई रिस्क नहीं लेना चाहते। एसएसपी अमित चंद्रा के निर्देश पर जांच अधिकारी आरएस धामा शनिवार को लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं।

अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में सबसे अधिक जरूरी सबूत जुटाना ही है, क्योंकि छोटी से छोटी कमी भी अभियुक्तों को भारी फायदा पहुंचा सकती है।

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