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नेताओं के बाद जनता पर बरसे बीरेंद्र सिंह

पूर्व वित्त मंत्री व कांग्रेसी नेता बीरेंद्र सिंह अपनी हार से उबर नहीं पा रहे हैं। उन्होंने जहां अपनी हार के लिए पार्टी के आला नेताओं को जिम्मेवार बताया है, वहीं अब हल्के की जनता को भी खरी-खोटी सुनाने लगे हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को अहसान-फरामोशी की संज्ञा दी है। साथ ही कहा कि जीत का अतिविश्वास ही हार का सबसे बड़ा कारण बना।

शनिवार को गांव बिघाना, खाडा व नंगूरा गांवों में जनसभा के दौरान बीरेंद्र सिंह ने कहा कि बांगड़ के उत्थान एवं हकों की लड़ाई वह शुरू से ही लड़ते आए हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे। क्षेत्र के लोग उन्हें काम कराने की मशीन समझ कर उनसे काम लेते रहे।

विस चुनाव में जहां-जहां कांग्रेस मजबूत लग रही थी, वहां कमजोर साबित हुई। ऐसा पहली बार हो रहा है जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी हो और उचाना हलके की उसमें भागीदारी नहीं हो। उचाना ही नहीं बल्कि पूरे जींद जिले के लोगों ने कांग्रेस को पूर्ण समर्थन नहीं दिया है।

बीरेंद्र ने कहा कि विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना जरूर करना पड़ा, लेकिन हलके के लोगों ने 62 हजार के आस-पास मत दिए, जो पूरे प्रदेश में किसी भी पार्टी के प्रत्याशी को मिले मतों के रिकार्ड से चौथे नंबर पर है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की ओर से भले ही उन्हें पूरा साथ नहीं मिला है, लेकिन यहां विकास कार्य में किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा। 

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