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भारत-पाकिस्तान दोनों के लिए बेगाना है इदरीस

दस साल पहले अपने बीमार पिता को देखने कानपुर आया पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद इदरीस अब भारत पाकिस्तान दोनो के लिए बेगाना हो गया है। वीजा अवधि समाप्त होने के बाद कुछ दिन तक उसे जेल में रहना पड़ा बाद में इंसाफ पाने के लिए अदालत में दस साल की लंबी लड़ाई लड़ी और अब जब अदालत ने उसे आजाद कर दिया है तो पाकिस्तान के अधिकारी उसे लेने को तैयार नही है क्योंकि उसके पासपोर्ट की मियाद समाप्त हो चुकी है।

इदरीस भारत में रह नहीं सकता और पाकिस्तान सरकार उसे लेने को तैयार नहीं है। अब कानपुर पुलिस भी परेशान है कि आखिर इदरीस का क्या करे। फिलहाल भारत पाकिस्तान सीमा से बैरंग लौटा दिए जाने के बाद वह कानपुर पुलिस के संरक्षण में एक गेस्ट हाउस में रह रहा है और खुदा से दुआ कर रहा है कि जल्द से जल्द वह अपने मुल्क पाकिस्तान जा सके क्योंकि वहां उसकी पत्नी शबाना और चार बच्चे उसका बेचैनी से इंतजार कर रहे हैं।

कानपुर के डीआईजी बीपी जोगदंड ने बताया कि इदरीस को उसके मुल्क वापस भेजने के लिये प्रयास किए जा रहे हैं और पाकिस्तानी दूतावास से इमर्जेंसी सर्टिफिकेट मिलते ही उसे पाकिस्तान भेज दिया जाएगा। इस सिलसिले में पाकिस्तानी अधिकारियों से बातचीत चल रही है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोहम्मद इदरीस कानपुर के मिश्री बाजार इलाके में ही पैदा हुआ था और यहां उसके माता-पिता रहते थे।

15 जनवरी 1988 को उसकी शादी कराची में रहने वाली उसकी एक रिश्तेदार लड़की शबाना से हो गई। कुछ दिनों बाद इदरीस पाकिस्तान चला गया और उसे वहां की नागरिकता भी मिल गई।

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