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विदेशी महिलाओं के लिए नोएडा बना स्वरोजगार का केंद्र

विदेशी महिलाओं के लिए नोएडा स्वरोजगार का केंद्र बनता जा रहा है। यहां पर साउथ ईस्ट एशिया, अफगानिस्तान व सेंट्रल अमेरिका सहित करीब दजर्न भर देशों से आईं महिलाएं स्वरोजगार स्थापित करने का प्रशिक्षण ले रही हैं। आठ हफ्ते के इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में उन्हें सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों के बारे में बताया जाएगा। इस दौरान विभिन्न देशों से आईं करीब सौ महिलाएं देश के नामी-गिरामी बिजनेस टाइकून से भी मिलेंगी।


सेक्टर-62 स्थित नेशनल इंस्टीटय़ूट फॉर इंटरप्रन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट (निसबड) में चल रहे ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान विदेशी महमानों को कंपनियों की विजिट करवाई जाएगी। वुमेन इंटरप्राइजेस डेवलपमेंट विषय पर आयोजित प्रशिक्षण प्रोग्राम के बारे में जानकारी देते हुए निसबड के ट्रेनिंग ऑफिसर डॉ. ऋषि राज ने बताया कि एक विदेशी पत्रिका में हुए सव्रे में यह बात सामने आई है कि देश के वार्षिक रेवून्यू में 90 फीसदी योगदान महिलाओं की इनकम का होता है। इसमें एमएनसी के अलावा घर में रहकर लघु व कुटीर उद्योग चलाने वाले महिलाएं शामिल हैं। संस्थान की रीता सेन गुप्ता ने बताया कि विदेशों से आए उद्यमिता विकास कार्यो से जुड़े मेहमानों के लिए आयोजित यह कार्यक्रम आठ हफ्ते तक चलेगा। जिसमें उन्हें रोजगार स्थापित करने के तरीके व मिलने वाली सहायता के बारे में बताया जाएगा।

क्या सोचते हैं विदेशी मेहमान
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने मिजोरम से आईं वनलालमपोई ने बताया कि वह आर्थिक मजबूती के लिए यहां आईं हैं। उन्होंने वुमेन पॉलिटेक्निक से पढ़ाई की है, लेकिन अपने देश में पढ़ाई के बाद भी आर्थिक मजबूती का कोई रास्ता न दिखने के कारण उन्होंने नोएडा इस कार्यशाला को ज्वाइन करने का सोचा। मणिपुर से आईं न्यांग कहती हैं कि इंडिया की महिलाओं ने कई क्षेत्रों में ऊंचे आयाम हासिल करके हमें प्रेरणा दी है। इसके तहत हम भी यहां की महिलाओं से प्रेरित होकर स्वरोजगार स्थापित करने के गुर सीखने आए हैं। मिजोरम की जोदिनमोई कहती हैं कि अभी दो ही हफ्ते हुए हैं यहां आए हुए लेकिन कुछ ही लोगों से मिलकर अहसास हो गया कि कैसे हम खुद ऊपर उठकर अपने देश की भी मदद कर सकते हैं। सेंट्रल अमेरिका से आईं जोवेन गुडैन कहती हैं कि धीरे-धीरे यहां कि बौद्धिक रणनीति के बारे में मालूम पड़ रहा है जिसकी मदद से हम घर बैठे भी बहुत कुछ कर सकते हैं।


आठ हफ्तों में क्या-क्या करेंगे विदेशी मेहमान
- शहर के साधारण लोगों से मुलाकात
- गर्वनमेंट पॉलिसी के बारे में बताया जाएगा
- व्यवसाय में मददगार एनजीओ से मिलवाया जाएगा
- शहर के बिजनेस टायकून्स से मिलवाया जाएगा
- उद्यमी महिलाओं से मिलवाएंगे
- अलग-अलग संस्थानों का भ्रमण
- लघु व कुटिर उद्योगों की जानकारी
- बिजनेस से जुड़ी फैकल्टीज इन्हें बिजनेस के गुर सिखाएंगी

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