DA Image
26 जनवरी, 2020|2:06|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

`सबसे गर्म होगा वर्ष 2010'

`सबसे गर्म होगा वर्ष 2010'

ग्लोबल वार्मिंग को लेकर जाहिर की जा रही विश्वव्यापी चिंता के बीच वर्ष 2010 के सबसे गर्म साल होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।

ब्रिटेन के मौसम विभाग के मुताबिक मानव की गतिविधियों की वजह से हो रहा जलवायु परिवर्तन अपना असर दिखाएगा, जबकि मौसम से जुड़े प्राकृतिक कारकों का वर्ष 2010 के तापमान पर वैसा प्रभाव नहीं पड़ेगा जैसा कि अब तक के सबसे गर्म वर्ष यानि 1998 में पड़ा था।

`द टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक प्रशांत महासागर को गर्म करने वाला अल नीनो प्रभाव वर्ष 1998 के मुकाबले इस बार काफी कमजोर है, लेकिन मौसम विभाग का मानना है कि ग्रीनहाउस गैसों से बढ़ने वाली गर्मी खासा असर दिखाएगी।

विभाग का अनुमान है कि अगले साल वैश्विक औसत तापमान वर्ष 1961 से 1990 के औसत से करीब 0.6 डिग्री ज्यादा होगा। विभाग ने वार्षिक औसत तापमान 14.58 डिग्री सेल्सियस होने का अनुमान लगाया है।

मौसम विभाग का यह भी कहना है कि वर्ष 2010 से 2019 के बीच के करीब आधे वर्ष 1998 के मुकाबले ज्यादा गर्मी भरे होंगे।
 बहरहाल, विशेषज्ञ इस अनुमान पर एकमत नहीं हैं।

ग्लोबल वार्मिंग पॉलिसी फाउंडेशन ने ब्रिटिश मौसम विभाग पर कोपनहेगन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही बातचीत में राजनीतिक दखलंदाजी करने का आरोप लगाया। फाउंडेशन ने कहा कि मौसम विभाग की बात को बहुत सावधानी से लिया जाना चाहिये।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:`सबसे गर्म होगा वर्ष 2010'