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हेडली के प्रत्यर्पण पर टिप्पणी करना जल्दबाजी: अमेरिका

हेडली के प्रत्यर्पण पर टिप्पणी करना जल्दबाजी: अमेरिका

ओबामा प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि मुंबई हमलों में कथित भूमिका के लिए अमेरिकी नागरिक डेविड कोलेमैन हेडली के भारत प्रत्यर्पण के बारे में कोई भी बात करना काफी जल्दबाजी होगी।

सहायक विदेश मंत्री पीजे क्राउली नई दिल्ली में भारतीय गृह सचिव जीके पिल्लई द्वारा दिए गए बयान के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। पिल्लई ने कहा था कि भारत हेडली के प्रत्यर्पण की मांग करेगा।

हेडली को अक्टूबर में भारत तथा डेनमार्क में आतंकी हमलों की साजिश रचने के आरोप में अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) ने गिरफ्तार किया था।

क्राउली ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि स्पष्टतया भारत के साथ हमारी प्रत्यर्पण संधि है, लेकिन आगे यह किस तरह काम करेगी, मेरा मानना है कि इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगा।

इस हफ्ते के शुरू में एफबीआई ने हेडली के खिलाफ मुंबई हमलों में शामिल होने के सिलसिले में औपचारिक आरोप पत्र दायर किया था ।

अमेरिकी न्यायिक विभाग की राष्ट्रीय सुरक्षा इकाई के प्रवक्ता डीन बोयस ने कहा कि हेडली जांच प्रकरण में एफबीआई और जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा अपने विदेशी तथा घरेलू सहयोगियों के साथ लगातार सूचना साझा की जा रही है।

बोयस ने कहा कि लंबे समय से कायम नीति के अनुसार हम प्रत्यर्पण के मामलों पर कभी टिप्पणी नहीं करते। हेडली पर शिकागो की संघीय अदालत में आरोप तय किए गए हैं और जांच जारी है।

नई दिल्ली में गृह सचिव जीके पिल्लई ने कहा था कि मुंबई हमलों में हेडली की भूमिका के संबंध में भारत द्वारा जांच पूरी कर लिए जाने के बाद सरकार उसके प्रत्यर्पण की मांग करेगी।

उन्होंने कहा था कि एक बार हम आरोप पत्र दायर कर दें, फिर हम निश्चित तौर पर उसके प्रत्यर्पण की मांग करेंगे। हेडली (49) इस समय शिकागो जेल में है।

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