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जहरीली हवाओं ने सांस लेना किया दूभर

धुएं के कारोबार ने शहर की आबोहवा बिगाड़ दी है। औद्योगिक और रेजिडेंशियल इलाकों में जहरीली हवाओं ने लोगों का सांस लेना भी दूभर हो गया है। हवा के इस प्रदूषण से लोगों के शरीर में कैंसर और टीबी जैसे खतरनाक रोग फैलने का खतरा बढ़ गया है।


प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हवा और पानी को जहरीला बनाने वाले उद्योगों पर लगाम नहीं कस पा रहा है। जबकि यह उद्योग लोगों से सांस लेने का हक छीन रहे हैं। खुद प्रदूषण बोर्ड के आंकड़ें इस बात की गवाही दे रहे हैं। हॉट सिटी की आबो-हवा में धुएं और धूल की मात्र इस कदर बढ़ गई कि लोग सांस तक नहीं ले पा रहे। इसमें बुलंदशहर रोड एरिया के उद्योग हवा को सबसे ज्यादा जहरीली बना रहे हैं। इस इलाके में आरएसपीएम की मात्र 275 और एसपीएम 562 तक पहुंच गई है। साहिबाबाद एरिया में भी आरएसपीएम 243 हो गई है। ट्रांस हिंडन के वैशाली, वसुंधरा, कौशांबी, साहिबाबाद, इंदिरापुरम् इलाके की हवा में धूल का गुबार उठ रहा है। औद्योगिक इलाकों के अलावा रेजिडेंशियल इलाके भी जहरीले हो गए हैं। बोर्ड के मुताबिक, रिहायशी क्षेत्रों में आरएसपीएम 150 तक और एसपीएम 250 तक पहुंच गया है। उद्योगों से जहरीले रसायन भी प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे लोगों में कैंसर, टीबी, दमा जैसे गंभीर रोग पनप रहे हैं।

प्रदूषण का स्तर (यूजी/एम3)
औद्योगिक क्षेत्र
जगह  आरएसपीएम   एसपीएम
साहिबाबाद 243    485
बु.शहर रोड 275    562
रेजिडेंशियल एरिया
  150    250

मानक प्रदूषण स्तर औद्योगिक क्षेत्र
पैरामीटर  स्टैंडर्ड
एसपीएम  500 यूजी/एम3
आरएसपीएम  150 यूजी/एम3
रेजिडेंशियल  क्षेत्र
एसपीएम  200 यूजी/एम3
आरएसपीएम  100 यूजी/एम3

रोगों का खतरा
धुएं और धूल के कारण लोगों में कैंसर, टीबी, दमा, गुर्दा रोग जैसे खतरनाक रोग पनप रहे हैं। इसके अलावा एलर्जी, त्वचा रोग, नेत्र रोग भी लोगों को अपनी चपेट में ले रहे हैं।
-डॉ. अंशुमान त्यागी वरिष्ठ फिजिशियन यशोदा अस्पताल कौशांबी

क्या कहते हैं अधिकारी
जिले में प्रदूषणकारी प्रकृति के 341 उद्योगों को चिह्न्ति किया गया है। इनमें से 113 के नमूने बोर्ड मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। 13 उद्योगों में जल शोधन संयंत्र नहीं मिलें। 4 उद्योग बंद कराए गए। नौ को कारण बताओ नोटिस दिए गए। 11 के खिलाफ अन्य कार्रवाई की जारी रही है। 24 उद्योग डिफाल्टर श्रेणी में मिलें। इनकी सूची बोर्ड मुख्यालय को भेजी गई है।
टीयू खान, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी

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