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अल्संख्यक इलाकों में बनेंगे हैल्थ सेंटर

- एमएसडी प्रोजेक्ट पर खर्च होंगे 40 करोड़
- खोले जाएंगे आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य केन्द्र
- गढ़ में बनाया जाएगा आईटीआईआई भी

 गरीबी से जूझते अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की हवा चले, इसके लिए एक नई सरकारी पहल हुई है। मल्टी सैक्टोरियल डवलपमेंट प्लान के तहत गाजियाबाद जिले पर 40 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी है। इस पैसे से स्वास्थ्य केन्द्र और आंगनबाड़ी केन्द्र बनाए जाएंगे। गढ़ में एक आईटीआई भी खोला जाएगा।


एमएसडीपी प्रोजेक्ट के लिए गाजियाबाद प्रशासन ने शासन को अपनी सर्वे रिपोर्ट भेज दी है। अब सिर्फ पैसा रिलीज होना बाकी है। अफसरों के मुताबिक, मल्टी सैक्टोरियल प्लान में जिले के ऐसे पिछड़े इलाकों को शामिल किया गया है, जहां अल्पसंख्यक आबादी अधिक है। केन्द्र और प्रदेश शासन की साङोदारी से शुरू हो रहे इस प्रोजेक्ट में मदरसों के आधुनिकीकरण की योजना भी शामिल है।


अल्पंख्यक कल्याण विभाग के आंकड़ों में गाजियाबाद जिले के अंदर अभी 64 मदरसे दर्ज चल रहे हैं। इन मदरसों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को तीन हजार रुपये का अनुदान भी दिया जाना है। साथ ही नए मदरसे के निर्माण पर 50 लाख तक के अनुदान की व्यवस्था की गई है।


एमएसडीपी के पैसे से जनपद में 145 नए आंगनबाड़ी केन्द्र और आवश्यकता के लिहाज से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाए जाने की प्लानिंग की गई है। अल्पसंख्यक क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए गढ़ मुक्तेश्वर में एक आईटीआई भी बनाया जाना है। इन कामों के लिए विभाग ने 40 करोड़ रुपये मांगे हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अंजना सिरोही का कहना है क पैसा रिलीज होते ही एमएसडीपी के काम शुरू होते नजर आने लगेंगे।

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