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वाम दलों का सरकार को अल्टीमेटम

 राज्य सरकार को अल्टीमेटम देने के लिए वाम दल महाधरना देंगे। वाम दलों ने राज्य सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने और कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। सीपीआई, सीपीएम, फारवर्ड ब्लॉक और आरएसपी ने 16 दिसम्बर को पटना में महाधरना का एलान किया है। वाम दलों ने 12 सूत्री मांगों को शीघ्र पूरा करने की राज्य सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि सरकार ने इस दिशा में शीघ्रता से कार्रवाई नहीं की तो चारों वाम दल राज्य व्यापी आंदोलन करेंगे।


सीपीआई के राज्य सचिव बद्री नारायण लाल ने कहा कि राज्य सरकार की गलत नीति के कारण विषम स्थिति पैदा हो गई है। जगह-जगह आम जनता अपनी समस्याओं को ले सड़क पर उतरने लगी है। कई जगह जनता और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। राज्य सरकार ने नीतियां नहीं बदलीं और उचित कार्रवाई नहीं की तो स्थिति अनियंत्रित हो जाएगी। भुखमरी की सूचनाएं सार्वजनिक होने लगी हैं पर पर न राज्य और न ही केन्द्र सरकार, इस ओर कुछ कदम उठा रही हैं।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को तुरंत अनिवार्य खाद्य वस्तुओं की सट्टाबाजी (कमोडिटी ट्रेडिंग) बन्द करानी होगी। अनिवार्य वस्तु कानून को सख्त बनाते हुए जमाखोरों के गोदाम खाली कराने होंगे। बनावटी अभाव पैदा करने वाले मुनाफाखोरों को जेल भेजना होगा। पीडीएस की मार्फत सभी एपीएल-बीपीएल परिवारों को अनुदानित दर पर राशन-किरासन देनी होगी। दाल, खाद्य तेल, आलू और प्याज को भी अनुदानित राशन में शामिल करना होगा। बाढ़ और सुखाड़ पीड़ित सभी किसान और खेत मजदूरों को क्षतिपूर्ति देनी होगी। नरेगा के अलावा खेत मजदूरों के लिए ‘काम के लिए भोजन’ योजना चलानी होगी। किसानों को सस्ती दर पर खाद, बीज, डीजल, कृषि उपकरण, पंपिंग सेट आदि की व्यवस्था करनी होगी। अधूरी सिंचाई परियोजनाएं और बन्द पड़े सरकारी नलकूप चालू करने होंगे। बंधोपाध्याय आयोग की सिफारिशों को लागू करना होगा और पीडीएस, नरेगा आदि कल्याण एवं विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार पर रोक लगानी होगी।

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