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जदयू के साथ की संभावनाएं कोरी बकवास : कांग्रेस

राजनीतिक हलकों में आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-जदयू के साथ की सुगबुगी को प्रदेश कांग्रेस ने सिरे से खारिज किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि जदयू-कांग्रेस के साथ की कल्पना कोरी बकवास के सिवाय कुछ भी नहीं। जदयू के साथ का सवाल ही नहीं उठता और इसकी जरूरत भी नहीं है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जदयू अपने नेतृत्व की कारगुजारियों और विवादास्पद छवि के कारण राज्य की जनता की विश्वसनीयता खोती जा रही है। उप चुनाव के परिणाम ने इसे प्रमाणित भी किया है। जदयू नेता नीतीश कुमार की छवि एक घोर प्रतिक्रियावादी और जातिवादी नेता की बन चुकी है। इन्होंने राज्य की बजाय नालंदा के स्वजातीय मतदाताओं का नेता बने रहने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय, राज्य प्रशासन से लेकर जदयू संगठन में एक ही जिला के स्वजातीय लोगों का जमावड़ा लगा दिया है। श्री कुमार चारा घोटाले में श्याम बिहारी सिन्हा से एक करोड़ नकद लेने के आरोपी हैं। बाढ़ के ढीवर गांव के कांग्रेस कार्यकर्ता स्व. सीताराम सिंह की हत्या में न्यायालय ने उनके विरुद्ध संज्ञान ले रखा है।


अनिल शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अवसरवादी और साम्प्रदायिकता का सहारा लेकर सत्ता भोगने वाले नेता हैं। वे भाजपा जैसी पार्टी के सहयोग से मुख्यमंत्री बने हुए है। भले ही उनके कार्यकाल में दंगे न हुए हों, लेकिन आरएसएस, बीएचपी और बजरंग दल जैसी पार्टियों को जड़ जमाने और मुसलमानों को भयभीत करने की खुली छूट है। कांग्रेस पार्टी की धर्मनिरपेक्ष साख है। यहप भ्रष्टाचारियों, अपराधियों को राजनीति से दरकिनार करने को कृतसंकल्पित है। हेसे में कांग्रेस-जदयू का तालमेल और साथ कैसे हो सकता है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी के पास सोनिया गांधी, राहुल और मनमोहन सिंह जैसा कुशल और ईमानदार नेतृत्व है। कांग्रेस को किसी भी क्षेत्रिय दल से सहयोग लेने की जरूरत अब बिहार में नहीं रह गयी है। पार्टी अपने दम पर अकेले चुनाव लड़ेगी और जनता के आशीर्वाद से अपनी सरकार बनाएगी।

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