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कॉलेज न आने वाले छात्रों का रुक सकता है प्रवेश पत्र

कॉलेज न आने वाले छात्र यूपीटीयू की सेमिस्टर परीक्षाओं से वंचित रह सकते हैं। कॉलेज प्रबंधन ने ऐसे छात्रों को सूची बना ली है, जिन्होंने कक्षाओं में 75 फीसदी से कम उपस्थिति दर्ज कराई है। उनकी उपस्थिति का प्रतिशत विवि व अभिभावकों को भेजा जा रहा है। इसके अलावा कॉलेज प्रबंधन अभिभावकों को उनके बच्चाे की उपस्थिति कम होने का कारण बताने के लिए पत्र भी भेज रहे हैं।


यूपीटीयू की परीक्षाओं की तारीख 26 दिसंबर घोषित की जा चुकी है। कुछ ही दिन में विवि की ओर से नोएडा व ग्रेटर नोएडा में संचालित 50 से अधिक कॉलेजों में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों के प्रवेश पत्र जारी कर दिए जाएंगे। यह प्रवेश पत्र उन छात्रों को नहीं मिल पाएंगे, जो कक्षाओं में कम आए हैं। जिन छात्रों की उपस्थिति 75 फीसदी से कम है, उनके अभिभावकों से कारण पूछा जा रहा है। जिनकी उपस्थिति कम है, उनकी सूची बनाकर अभिभावकों को पत्र लिखा जा रहा है। ग्रेटर नोएडा स्थित जीएनआईटी के निदेशक डॉ. एसएन सरन ने बताया कि जो छात्र नियमित कक्षाओं में नहीं आ रहे थे, उनकी सूची बनाकर विवि प्रशासन को भेज दी गई है। इसके अलावा अभिभावकों से भी संपर्क साधा जा रहा है। प्रवेश पत्र रोकने से पहले पूछताछ के दौरान अगर कोई ठोस कारण सामने आता है, तो उन्हें प्रवेश पत्र दे दिया जाएगा। अगर नहीं तो वे परीक्षा से वंचित रह सकते हैं। ेजीएल बजाज कॉलेज के निदेशक डॉ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि ऐसे छात्रों को चिन्हित कर लिया गया है, जिनकी उपस्थिति 75 फीसदी से कम है। ऐसे छात्रों की संख्या आठ से दस फीसदी के करीब है। अगर वे प्रवेश पत्र आने से पहले उपस्थिति कम होने का कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं लाते तो उनका प्रवेश पत्र रोका जा सकता है।

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  • Web Title: छात्रों का रुक सकता है प्रवेश पत्र