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तीन कंपनियों को ही मिलेगा 3जी स्पेक्ट्रम

तीन कंपनियों को ही मिलेगा 3जी स्पेक्ट्रम

सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह केवल तीन दूरसंचार कंपनियों को ही 3जी स्पेक्ट्रम आबंटित करेगी। इस अप्रत्याशित कदम से सरकार को 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान हो सकता है।
   
उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक क्षेत्र की एमटीएनएल और बीएसएनएल को 3जी स्पेक्ट्रम का आवंटन पहले ही किया जा चुका है। जहां एमटीएनएल दिल्ली और मुंबई में दूरसंचार सेवा प्रदान करती है वहीं शेष भारत में बीएसएनएल दूरसंचार सेवा देने वाली कंपनी है।
   
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्रालय द्वारा व्यवसायिक इस्तेमाल के लिये विशेष स्पेक्ट्रम (रेडियो तरंग) खाली किये जाने को लेकर अनिच्छा जताने के कारण इसका फैसला किया गया है। इस संबंध में जरूरी अधिसूचना जल्दी ही जारी की जाएगी।
    
सरकार ने पूरे भारत के लिये 3जी स्पेक्ट्रम के लिये रेडियो तरंग की आरक्षित कीमत 3,500 करोड़ एपये रखी है और वाइमैक्स (वायरलेस, इंटरनेट, ब्राडबैंड) के लिये आरक्षित 1,750 करोड़ रुपये रखी गयी है। इस बाबत नीलामी अगले वर्ष 14 जनवरी से शुरू होगी। सरकार ने बीएसएनएल और एमटीएनएल को छोड़कर चार कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटन के जरिये 25,000 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा था। लेकिन अब तीन ही कंपनियों को रेडियो तरंग आबंटित किये जाने के फैसले से राजस्व लक्ष्य से 5,250 रुपये कम हो सकता है।

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  • Web Title:तीन कंपनियों को ही मिलेगा 3जी स्पेक्ट्रम