DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सुरसा का मुंह बनी मंहगाई, आंकड़ा करीब 20 फीसदी पर

सुरसा का मुंह बनी मंहगाई, आंकड़ा करीब 20 फीसदी पर

अनाज, आलू, प्याज, दूध और दाल की बेलगाम कीमतों ने नवंबर के चौथे सप्ताह में खाद्य वस्तुओं के थोक मूल्यों पर आधारित मंहगाई को एक वर्ष पूर्व की तुलना में करीब 20 प्रतिशत के दायरे में पहुंचा दिया है।

गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार 28 नवंबर को समाप्त सप्ताह में खाने पीने की प्रथमिक वस्तुओं के थोक मूल्यों वाली मुद्रास्फीति 19. 05 फीसदी थी। इसके पूर्व के सप्ताह में यह दर 17.47 प्रतिशत थी। मुद्रास्फीति में इस कदर उछाल के चलते सरकार पर आवश्यक उत्पादों की कीमतों में पर लगाम लगाने के लिए दबाव बढ़ने लगा है।

हालांकि सभी वस्तुओं के थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर महीने में 1. 34 फीसदी थी।
 रिजर्व बैंक 29 जनवरी को मौजूदा मौद्रिक नीति की समीक्षा करेंगा। आरबीआई के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा कि थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति का स्तर उपभोक्ता मूल्य के मुकाबले काफी कम है।

मुद्रास्फीति से परेशान कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस सप्ताह कहा था कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी हमारे लिए सबसे अधिक चिंता का विषय है। आज जारी आंकड़े के मुताबिक आलू की कीमत एक साल पहले की तुलना में दोगुने से अधिक हो गई है, जबकि प्याज 23 फीसद मंहगी है।

अन्य आवश्यक वस्तुओं में चावल की कीमत 11. 75 फीसदी बढ़ी है, जबकि गेहूं 12. 60 फीसदी और दालें 42 फीसद मंहगी हुई हैं। इधर फल 13 फीसदी मंहगा हुआ, तो दूध 11. 36 फीसदी और मंहगा हो गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सुरसा का मुंह बनी मंहगाई, आंकड़ा करीब 20 फीसदी पर