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दो टूक (10 दिसंबर, 2009)

वैट का वजन बढ़ाने पर हल्ला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि एमसीडी के बजट में पांच फीसदी संपत्ति कर बढ़ाने के प्रस्ताव ने डरा दिया। इसके अलावा पेशेवरों पर टैक्स लगाने की भी तैयारी है। कहा जा रहा है कि जनता की जेब पर चलने वाली यह कैंची निगम के खजाने में मोटा इजाफा करेगी।

मंदी,महंगाई और उस पर टैक्स की मार। जनता परेशान है। कर देते देते मरे, याकि मर-मरकर कर देती रहे। माना कि राष्ट्रमंडल खेल सिर पर हैं और निगम को भी तैयारियों के लिए पैसा चाहिए लेकिन सरकार, जनता की जेब निचोड़ने के आखिरी उपाय की बजाय आप भी जरा किफायत से क्यों नहीं चलते जैसे कि मंदी के मौसम में पूरी पब्लिक चल रही है।

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  • Web Title:दो टूक (10 दिसंबर, 2009)