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हिन्दू संगठन फिर भड़के, तहसील में बवाल

रामलीला कमेटी का मैदान अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्ति को आवंटित करने के मुद्दे को लेकर हिन्दूवादी संगठनों का आक्रोश फिर भड़क गया। बुधवार सुबह को भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अचानक तहसील कार्यालय आ धमके। यहां उन्होंने तहसील कार्यालय को जबरन बंद कराने की कोशिश की।

कुछ देर यहां बवाल के बाद ये लोग सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में हो-हल्ला करते हुए डीएम के शिविर कार्यालय में पहुंच गए। यहां इन लोगों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर निवर्तमान तहसीलदार के निलंबन और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। डीएम ने कहा कि इस मामले की जांच के बाद ही यथोचित कार्रवाई की जाएगी।

रविवार को निवर्तमान तहसीलदार एवं रिसीवर सुंदर सिंह ने रामलीला कमेटी का मैदान अल्पसंख्यक समुदाय के किसी व्यक्ति को विवाह समारोह के लिए आवंटित कर दिया था। तब से हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं में उबाल है। रविवार की रात से शुरू हुआ यह विवाद सोमवार को भी जारी रहा।

कार्यकर्ताओं ने एनएच जाम कर दिया और तहसील में तोड़फोड़ की। जनरोष को देखते हुए डीएम ने तहसीलदार सुंदर सिंह को कलक्ट्रेट से सम्बद्ध कर दिया और रिसीवर की जिम्मेदारी भी उनसे वापस लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप दी।

इस बीच हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सुंदर सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली में एक तहरीर दी। जिसे कोतवाली पुलिस ने कोई मामला न बनने की बात कहकर खारिज कर दिया। मंगलवार को इन कार्यकर्ताओं ने रामलीला भवन व मैदान के शुद्धिकरण का दावा करते हुए हवन पूजन किया और गंगा जल की छींटे डालीं।

बुधवार सुबह को एक बार फिर हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। बिना किसी पूर्व घोषणा के ये लोग अचानक तहसील परिसर में आ धमके। आनन-फानन में वहां पुलिस फोर्स भेजा गया। यहां कार्यकर्ताओं ने जबरन कार्यालय बंद कराने की कोशिश की। कार्यकर्ताओं में अचानक आए इस उबाल को देखकर पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। तहसील से ये लोग सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में विरोध प्रदर्शन करते हुए डीएम के कैंप कार्यालय तक पहुंच गए।

यहां भी इन लोगों ने विरोध जताया और निवर्तमान तहसीलदार को निलंबित करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। इन लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा था कि पूरे मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिलाधिकारी शैलेश बगौली के समक्ष अपनी बात रखते हुए हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस मामले में प्रशासन का रवैया पूरी तरह से निराश करने वाला रहा है।

जिस तरह की लापरवाही निवर्तमान तहसीलदार ने की है उसके लिए उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने वार्ता के लिए पहुंचे हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं को आशवासन दिया कि इस मामले की जांच 20 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी। उसके बाद जो भी जरूरी कार्रवाई होगी, वह की जाएगी। 

बातचीत के दौरान एसएसपी मोहन सिंह बंग्याल, एसडीएम दीपक रावत, सिटी मजिस्ट्रेट श्रीष कुमार, एसपी सिटी यशवंत सिंह, सीओ सिटी डॉ.सदानन्द दाते और मनोज गुप्ता, विपिन आर्या, प्रमोद बोरा, दीपक सनवाल, रूपेंद्र नागर, मदन मोहन जोशी, महेन्द्र नागर, हरिमोहन अरोड़ा, कमल मुनि, तरुण बंसल, तन्मय रावत, दयाल तिवारी, हरीश आर्या आदि उपस्थित रहे।

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