class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आठ पॉलीटेक्निक बनेंगे फ्लैगशिप इंस्टीटय़ूट

प्रदेश के आठ पॉलीटेक्निकों को फ्लैगशिप इंस्टीटय़ूट के तौर पर विकसित किया जाएगा। ये प्रदेश के सबसे सुविधा संपन्न और मॉडल पॉलीटेक्निक होंगे। इस कार्य को एक वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार अगले पांच वर्ष में सभी पॉलीटेक्निकों के कायाकल्प की तैयारी में है।

प्रदेश में 38 सरकारी और 19 प्राइवेट पॉलीटेक्निक संचालित हो रहे हैं। इन पॉलीटेक्निकों में सभी ब्रांचों में आठ हजार से अधिक सीटें हैं। नौ साल में प्रदेश में पॉलीटेक्निकों की संख्या चार गुना और सीटों की संख्या करीब पांच गुना बढ़ी है, लेकिन इनकी गुणवत्ता में उम्मीद के अनुरूप सुधार नहीं हुआ।

आर्थिक मंदी और प्रदेश में औद्योगिक पैकेज की अवधि आगामी मार्च में खत्म होने के बाद पॉलीटेक्निक डिप्लोमाधारकों के लिए रोजगार की संभावना कमजोर हुई है। सरकार, अब इस कमी को अपने छात्र-छात्रओं की योग्यता बढ़ाकर करेगी। इसके लिए पॉलीटेक्निकों के कायाकल्प की योजना तैयार की गई है।

इस योजना के तहत वर्ष 2010 के लिए आठ पॉलीटेक्निकों को चुना गया है। इनमें देहरादून के सुद्धोवाला, पित्थूवाला, श्रीनगर, नरेंद्रनगर, द्वाराहाट, अल्मोड़ा, काशीपुर और नैनीताल के पॉलीटेक्निकों को शामिल किया गया है।
इसी क्रम में अगले वर्षों में हर साल सात-आठ पॉलीटेक्निकों की सूरत निखारेगी जाएगी।

कुल मिलाकर पांच साल में पॉलीटेक्निकों का कायाकल्प हो जाएगा। फ्लैगशिप इंस्टीटय़ूट में भूमि, भवन, लैब, लाइब्रेरी, ट्रेनिंग-सेंटरों को मानकीकृत किया जाएगा। इसके अलावा प्राचार्य, शिक्षकों, अनुदेशकों और तकनीकी कर्मियों के सभी पद भरे जाएंगे।

साथ ही, हॉस्टलों में सुविधा बढ़ेगी और पॉलीटेक्निकों के सेलेबस को सीधे इंडस्ट्री के साथ लिंक किया जाएगा। शिक्षकों के लिए भी क्वालिटी इंप्रूवमेंट प्रोग्राम चलेंगे। इस मुहिम की कमान तकनीकी शिक्षा के प्रमुख सचिव राकेश शर्मा संभाल रहे हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आठ पॉलीटेक्निक बनेंगे फ्लैगशिप इंस्टीटय़ूट