class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

माध्यमिक शिक्षा अभियान लागू करेगा यूपी

राज्य सरकार ने माध्यमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार व उत्थान के लिए सर्वशिक्षा अभियान की तर्ज पर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अभियान चलाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री मायावती की अध्यक्षता में बुधवार को यहाँ हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। इसके संचालन के लिए राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में माध्यमिक शिक्षा अभियान परिषद का गठन भी किया गया है।

योजना के सफल संचालन के लिए मेमोरेण्डम आफ एसोशिएसन के गठन व भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ वेतनमान में राज्य परियोजना निदेशक, उप्र माध्यमिक शिक्षा अभियान के एक अतिरिक्त पद के सृजन को भी राज्य मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी है।

परिषद में माध्यमिक शिक्षा मंत्री व मुख्य सचिव को पदेन उपाध्यक्ष व  बेसिक शिक्षा, नियोजन, वित्त, ग्राम्य विकास और समाज कल्याण, महिला व बाल विकास विभाग के मंत्रियों को सदस्य बनाया गया है। प्रमुख सचिव/सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अभियान परिषद की कार्यकारणी समिति का गठन किया गया है।

11वीं पंचवर्षीय योजना के तहत केन्द्र पुरोनिधानित योजना ‘‘राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान’’ पर आने वाले कुल व्यय भार का 75 प्रतिशत धनराशि केन्द्र और 25 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार की ओर से वहन किया जाएगा। 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत केन्द्रांश 50 प्रतिशत व राज्यांश 50 प्रतिशत के अनुरूप वित्त पोषण की व्यवस्था तय की गई है।

इसका मुख्य उद्देश्य  9 एवं 10 तक के बच्चों का ग्रास इनरोलमेन्ट रेसियो (जीईआर) 75 प्रतिशत किए जाने और राष्ट्रीय मानकों को दृष्टिगत रखते हुए प्रति एक लाख की जनसंख्या पर 19 सार्वजनिक एवं निजी सहभागिता के माध्यम से माध्यमिक विद्यालय स्थापित करने की है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा में ड्राप आउट की संख्या शून्य करना है।

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत विकास खण्ड/जनपद स्तर के विद्यालयों का सुदृढ़ीकरण किया जाना और विद्यालयी शिक्षा को विकेन्द्रीकृत किए जाने के लिए रणनीति तैयार करना, विद्यालयों में अवस्थापना सुधार की रणनीति विकसित करना, बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करना व बालिका सशक्तिकरण के वास्ते हेतु रणनीति तैयार किया जाना प्रमुख है।

इसके अलावा अनुसूचित जाति/जन जाति और अल्पसंख्यक समुदाय की कस्तूरबा गांधी अवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 9 तथा 10 की छात्रओं को नि:शुल्क आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए छात्रवासों का निर्माण और शिक्षा को रोजगारपरक बनाए जाने के लिए व्यावसायिक शिक्षा को समसामायिक बनाने के लिए कार्ययोजना भी तैयार की जायेगी।

माध्यमिक विद्यालयों में गुणात्मक सुधार लाने के लिए शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा और विद्यालयों में अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएँगे। मौजूदा समय में प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा के 15,413 विद्यालय संचालित हैं, जिसमें से कक्षा 10 तक के 6470 एवं कक्षा 12 तक के 8443 विद्यालय शामिल हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:माध्यमिक शिक्षा अभियान लागू करेगा यूपी