DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

लखनऊ समेत सात शहरों में मीटर युक्त जलापूर्ति होगी

एक महत्वपूर्ण फैसले में राज्य सरकार ने प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत सात शहरों-आगरा, कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, मेरठ व मथुरा में मीटर युक्त जलापूर्ति व्यवस्था प्रणाली लागू करने व पानी के उपयोग की मात्र के आधार पर दरें तय किए जाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री मायावती की अध्यक्षता में बुधवार को यहाँ राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इससे सम्बंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। 

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में जेएनएनयूआरएम कार्यक्रम के तहत प्रदेश की अवस्थापना विकास के लिए जो योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, उनमें पेयजल प्रणाली में मीटर व्यवस्था लागू करना एक अनिवार्य शर्त है। इसके साथ ही केन्द्र सरकार द्वारा वित्तीय स्वीकृतियों में मीटर का भी मूल्य सम्मिलित है।

चूँकि मीटर प्रणाली लागू करना केन्द्र सरकार की वित्तीय सहायता के अनिवार्य शर्त है। इसलिए इस प्रणाली के लागू होने पर ही जेएनएनयूआरएम री अग्रिम किस्ते सुलभ हो पाँएगी। लिहाजा योजना के क्रियान्वित होने के साथ ही पेयजल प्रणाली में मीटर व्यवस्था और जल की मात्र के बढ़ते क्रम मे बढता हुआ मूल्य (वॉल्यूमैट्रिक टेलिस्कोपिक ब्लॉक टैरिफ) निर्धारित करने की अनिवार्यता है।

मंत्रिपरिषद के फैसले के मुताबिक इन शहरों में मीटर युक्त जलापूर्ति प्रणाली जेएनएनयूआरएम कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वीकृत पेयजल परियोजनाओं से ही वित्त पोषित होगी। इससे राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

ध्यान रहे कि उत्तर प्रदेश राज्य वित्त आयोग (पंचायती राज एवं स्थानीय निकाय) द्वारा यह संस्तुति की गई थी कि भविष्य में पूरी घरेलू जलापूर्ति व्यवस्था बिना मीटर के दी जाएगी और अनावासीय उपभोक्ताओं के लिए मीटर द्वारा जलापूर्ति की जाए। आयोग की इस संस्तुति को राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 1997 से स्वीकार किया गया था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:लखनऊ समेत सात शहरों में मीटर युक्त जलापूर्ति होगी