अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

किशोर पर नहीं लग सकती रासुकाः कोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी किशोर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत निरुद्ध नहीं किया जा सकता। केवल अपवाद स्वरूप परिस्थितियों में ही ऐसा संभव है।

न्यायमूर्ति उमानाथ सिंह एवं न्यायमूर्ति एस़एऩएच़ जैदी की खण्डपीठ ने यह अहम फैसला उन्नाव के सोनू उर्फ सलमान को रासुका के तहत निरुद्ध करने संबंधी जिलाधिकारी के आदेश को रद करते हुए सुनाया साथ ही कहा है कि वह अगर किसी अन्य मामले में बंद न हो तो उसे रिहा कर दिया जाए।

अदालत ने यह भी व्यवस्था दी कि किशोर न्याय हिफाजत कानून 2000 के अनुसार, किसी किशोर को एक आम बंदी की तरह कठोर रासुका कानून के तहत जेल में बंद नहीं किया जा सकता है। सोनू की ओर से उसके पिता ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर रासुका में निरुद्ध करने के आदेश को चुनौती दी थी। अदालत ने याचिका मंजूर करते हुए उक्त व्यवस्था दी है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:किशोर पर नहीं लग सकती रासुकाः कोर्ट