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डीएन गौतम का डीजी रैंक में प्रमोशन गलत

राज्य के पूर्व डीजीपी डीएन गौतम के रिटायर होने के बाद कैट के प्रधान बेंच (दिल्ली) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में डीजी पद पर उनके प्रमोशन को नियम के विरूद्ध करार दिया है। कैट के चेयरमैन वी के बाली और सदस्य रमेश चन्द्र पाण्डा की खंडपीठ ने अपने फैसले में 1974 बैच के वरीय आईपीएस अधिकारी को भी बिना केन्द्र सरकार की स्वीकृति और अनुमोदन के राज्य का पांचवांडीजी बनाए जाने को नियम विरूद्ध करार दिया।

कैट ने श्री खन्ना के वरीयता क्रम को देखते हुए सरकार को यह आदेश दिया है कि उन्हें भी वही वेतनमान दिया जाए जो डीएन गौतम को उनके डीजीपी कार्यकाल में दिया गया था। श्री खन्ना वर्तमान में महानिदेशक सह नागरिक सुरक्षा आयुक्त, बिहार के पद पर तैनात हैं। कैट के द्वारा मंगलवार को जारी इस आदेश के बाद श्री खन्ना 1 अगस्त 2008 से ही 80 हजार रुपये के डीजीपी के वेतनमान के हकदार हो गए।

राज्य सरकार ने डीएन गौतम को डीजी पद में प्रोन्नति देते हुए 31 जुलाई 2008 को उन्हें राज्य का पुलिस प्रमुख बनाया। उस समय गौतम से वरीय चार और वरीय अधिकारी डीजी रैंक में कार्यरत थे। ये थे आशीष रंजन सिन्हा, आनंद शंकर, मनोज नाथ और केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति में गए जेके खन्ना। इसके बावजूद वरीयता क्रम में सबसे नीचे डी एन गौतम को राज्य का डीजीपी बना दिया गया। इस वर्ष में डीएन गौतम के अवकाश ग्रहण करने के बाद खन्ना को पुन: बिहार वापस बुला लिया गया।

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