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मुखिया-सरकारीकर्मी पिटे

पंचायत की बजाय शहर के एक मकान में द्वितीय चरण के बाढ़ राहत राशि वितरण में व्याप्त अनियमितता एवं घूसखोरी से आक्रोशित हाारों लाभुकों ने तीन पंचायतों के मुखिया, एक वार्ड सदस्य समेत हल्का कर्मचारी की पिटाई कर दी। जान बचाकर कमर में भागे इन पांचों को तब तक बंधक बनाए रखा जबतक कि वरीय पदाधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। बाद में प्रशासन ने दो मुखियों समेत वार्ड सदस्य एवं हल्का कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया जबकि पोठिया पंचायत के मुखिया नुनू लाल मंडल नंगे बदन भागने में सफल रहे। आक्रोशित ग्रामीणों से बचाकर इन्हें थाना ले जाया गया। तीन सौ रुपये अवैध रूप से दिए जाने वाले सैकड़ों लाभुकों के फर्द बयान पर स्थानीय थाने में बीडीओ अजय कुमार ने मामला दर्ज कराया। इन अवैध वसूली को मदद पहुंचाने वाले दर्जनों वार्ड सदस्य समेत लठैतों को भी जहां उग्र लोगों का निशाना बनना पड़ा। वहीं पुलिस ने भी उनके नाम को कलमबद्ध किया। गिरफ्तार मुखिया में मझुआ पंचायत के अवधेश कुमार सिंह, खरखां के मुखिया पति अरविन्द सिंह, वार्ड पार्षद, हल्का कर्मचारी तरुण कुमार यादव शामिल हैं।ड्ढr ड्ढr घटना सुल्तान पोखर स्थित एक पूर्व अधिकारी के मकान में घटी जो मुखिया द्वारा किराया पर लिया गया था। सभी उग्र लोगों का नेतृत्व प्रखंड प्रमुख अशोक विश्वास स्वयं कर रहे थे। घटनास्थल पर एसडीओ अनिल कुमार, डीएसपी शिव कुमार झा, बीडीओ, थानाध्यक्ष समेत काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद थे। इन अधिकारियों ने मकान की भी तलाश ली। जहां से रात से संबंधित आवश्यक कागजात भी पाए गए। जिन्हें जब्त कर लिया गया।

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