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1 अक्तूबर, 2020|6:25|IST

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सीआरपीएफ के जवान के खिलाफ मुकदमा

अनुसूचित जनजाति के फर्जी प्रमाणपत्र पर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की नौकरी करने वाले जवान के खिलाफ नोनहरा थाने में धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। सीआरपीएफ के कमांडेंट की सूचना पर पुलिस अधीक्षक एल रवि कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपित जवान को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है।

प्राथमिकी के अनुसार नोनहरा थाना क्षेत्र के हैंसी गांव का निवासी पारस सिंह यादव पुत्र श्यामू सिंह यादव अनुसूचित जनजाति के फर्जी प्रमाणपत्र पर सीआरपीएफ की नौकरी कर रहा था। वह  सीआरपीएफकी 92वीं बटालियन में तैनात था। विभागीय जांच में इस फर्जीबाड़े का खुलासा हुआ और इसकी जानकारी होते ही पारस यादव नौकरी छोड़कर फरार हो गया।

उसकी गिरफ्तारी के लिए विभागीय अधिकारियों ने काफी प्रयास किया, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। गत आठ दिसम्बर को सीआरपीएफ के कमांडेंट ए. दरी ने पुलिस अधीक्षक एल रवि कुमार से सम्पर्क किया और डाक के जरिये जांच रिपोर्ट भेजने के साथ पारस सिनह यादव के खिलाफ उचित कार्रवाई करने को कहा।

सीआरपीएफ की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने भी मामले की छानबीन की और एसपी के निर्देश पर नोनहरा थानाध्यक्ष रामनिहोर मिश्र ने आरोपित पारस सिंह यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए उसके घर पर दबिश दी, लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका। उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस हर संभावित ठिकाने पर लगातार दबिश दे रही है।

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