DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सत्ता पक्ष के दबाव में इंस्पेक्टर का तबादला

पुलिस भर्ती घोटाले में पुलिस अधिकारी सत्ता पक्ष के दबाव में आ गए हैं। बसपा नेता धूम सिंह सैनी की जमानत में रोड़ा बने प्रभारी निरीक्षक का जिले से बाहर स्थानांतरण करा दिया गया है। पुलिस पर बसपा नेता की रिकार्डिग को कोर्ट में न दाखिल करने का दबाव था। उधर, न्यायालय ने बसपा नेता की जमानत पर सुनवाई के लिए 14 दिसंबर की तारीख तय की है।

सोमवार को बसपा नेता धूम सिंह सैनी की गिरफ्तारी के बाद से ही पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उसे छुड़वाने के लिए एड़ी-चोटी तक दबाव बनाए हैं। बाद में छोड़े न जाने के बाद वह थाना सदर बाजार के प्रभारी निरीक्षक आरपी दुबे और इलेक्ट्रोनिक्स सेल इंचार्ज प्रशांत कपिल के प्रति नाराजगी जाहिर करते रहे।

विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक बुधवार को प्रभारी निरीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारियों पर इस बात का दबाव बनाया गया कि धूम सिंह सैनी की रिकार्डिग और अन्य सबूत न्यायालय में आज दाखिल न किए जाएं, ताकि उसकी जमानत आसानी से हो जाए।

सत्ता पक्ष के नेताओं का यह फरमान न माने जाने पर चंद ही घंटों में प्रभारी निरीक्षक के मुजफ्फरनगर जाने के आदेश आ गए। इसके साथ ही उन्हें तुरंत रिलीव कर दिया गया। हालांकि इसके लिए पुलिस अधिकारी यह दलील देते रहे कि यह आदेश करीब दस दिन पहले हुए थे, लेकिन जब उनसे पूछा गया कि दस दिन पहले इंस्पेक्टर को रिलीव क्यों नहीं किया गया? उसका वह कोई उत्तर नहीं दे सके।

उधर, बुधवार को सीजेएम अवकाश पर होने के कारण बसपा नेता की जमानत पर सुनवाई एसीजेएम प्रथम के न्यायालय में हुई। एपीओ अजीत सिंह के मुताबिक न्यायालय इस जमानत पर 14 दिसंबर को सुनवाई करेगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:सत्ता पक्ष के दबाव में इंस्पेक्टर का तबादला