DA Image
1 अक्तूबर, 2020|6:31|IST

अगली स्टोरी

एक बरेलवी ने दिलवाई किन्नरों को अलग पहचान

कम ही लोगों को पता होगा कि उत्तर प्रदेश में बरेली शहर के एक युवक द्वारा बेशुमार मुश्किलों का सामना करके करीब साल भर पहले शुरु की गई मुहिम के चलते ही चुनाव आयोग ने पिछले महीने देश के करीब एक करोड़ किन्नरों को मतदाता सूची में पुरुष एवं स्त्री से अलग श्रेणी में रखना मंजूर किया।

 किन्नरों को अलग पहचान दिलाने वाला यह युवक एक अतिव्यस्त डाक्टर और शहर के नामी गिरामी अस्पताल का मुख्य चिकित्साधीक्षक है। डा. सैयद एहतिशाम हुदा नामक इस फिजियोथेरेपिस्ट का ताल्लुक बरेली के एक प्रतिष्ठित घराने से है और वह अपनी विशेषज्ञता के सहारे कई प्रख्यात खिलाडियों समेत बेशुमार नामचीन हस्तियों को उनकी दुश्वारियों से निजात दिला चुका है।  अलग-थलग पडे़ किन्नरों के समाज में स्वीकार्यता दिलाने की उनकी मुहिम के बारे में पूछने पर डा. हुदा ने बुधवार को बताया कि करीब साल भर पहले एक किन्नर उनके पास स्पोंडिलाइटिस के इलाज के लिए आया मगर इस डर से कि कहीं डाक्टर साहब के बाकी मरीज भाग ना जायें। वह उनके कमरे में नहीं आया और बाहर इंतजार करता रहा। 
 

उन्होंने कहा, उसके पर्चे पर कई बार नजर पड़ने पर काफी देर बाद उसे अंदर बुलाकर पूंछा तो पर उसने कहा कि मरीजों के बीच आने के लिए उसे कई डाक्टर डांट चुके है लिहाजा वह अंत में दिखाने के लिए कमरे के बाहर बैठा था।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title: एक बरेलवी ने दिलवाई किन्नरों को अलग पहचान