class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दीदी के घर से गुजरेगा खामोश फ्लाईओवर

लता दी के रियाज में अब किसी तरह के चिल्ल-पौं से खलल नहीं पड़ेगा। सुरों की मलिका लता मंगेशकर के घर के सामने अब साउंड प्रूफ फ्लाईओवर बनाने का फैसला लिया गया है। महाराष्ट्र सरकार को भरोसा है कि इससे न तो लता मंगेश्कर को परेशानी होगी और न ही पेडर रोड के निवासियों को।

कुल जमा 160 करोड़ रुपए की लागत से 4.3 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का निर्माण कार्य दो साल से इसलिए रुका पड़ा था क्योंकि लता दीदी और उनकी छोटी बहन आशा भोसले ने मुंबई छोड़ने की धमकी दे दी थी। उनका आरोप था कि इस फ्लाईओवर की वजह से ध्वनि और वायु प्रदूषण फैलेगा। लेकिन अब महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) ने लता दीदी का सम्मान करते हुए साउंड प्रूफ फ्लाईओवर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव टी.सी. बेंजामिन के मुताबिक, इस साउंड प्रूफ फ्लाईओवर पर दौड़ने वाली गाड़ियों के हॉर्न से पेडर रोड के लोगों की नींद हराम नहीं होगी।

पेडर रोड पर बनने वाला यह पहला फ्लाईओवर होगा जो साउंड प्रूफ होगा। यह फ्लाईओवर जल्द से जल्द बनाना इसलिए जरूरी हो गया है क्योकि तीसरे चरण में बांद्रा-वरली सी-लिंक को नरीमन पाइंट तक विस्तार देना है। सी-लिंक के हाजी अली तक बनने के बाद आगे वाहनों को जाम का सामना न करना पड़े इसके लिए पेडर रोड का फ्लाईओवर जरूरी है। लता मंगेश्कर ने इस फ्लाईओवर का विरोध इस वजह से भी किया था क्योंकि उनके घर की खूबसूरती बिगड़ जाती।

देश और विदेश से मुंबई आने वाले पर्यटकों के लिए पेडर रोड स्थित प्रभू कुंज दर्शनीय है। इसके अलावा खुली हवा में सांस लेने वाली लता दीदी के साथ पेडर रोड के निवासियों को इस फ्लाईओवर से प्रदूषण ही मिलने वाला था। अंतत: राज्य सरकार ने सुर सम्राज्ञी का सम्मान करते हुए साउंड प्रूफ फ्लाईओवर के रूप में सुरक्षित रास्ता तलाश लिया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:दीदी के घर से गुजरेगा खामोश फ्लाईओवर