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परेशान महिला को आत्महत्या से बचाया

देश के कोने-कोने से जहाँ लोग पुण्य कमाने आते हैं उस संगम नगरी में पीलीभीत की सोमवती जिंदगी से छुटकारा पाने के लिए आ पहुंची। बीसलपुर इलाके की सोमवती पति की ज्यादतियों से नाराज होकर घर से निकली और आज सुबह संगम एक्सप्रेस से संगम नगरी आ पहुंची।

वह सूबेदारगंज में अप लाइन से गुजर रही मालगाड़ी के नीचे कट कर जान देने के लिए पहुंची। लेकिन ऐन वक्त पर आरपीएफ इंस्पेक्टर की नजर उस पर चली गई। उनकी मुस्तैदी से महिला की जान बच सकी। आरपीएफ जवानों ने ट्रेन के नीचे आने से पहले उसे पटरी से उठाकर अलग कर दिया।

सोमवती (36) सुबह तकरीबन साढ़े आठ बजे सूबेदारगंज स्टेशन पर संगम एक्सप्रेस से पहुंची। ट्रेन से उतर कर जाने के तकरीबन तीन घंटे बाद वह फिर स्टेशन लौटी। इस बार वह प्लेटफार्म पर नहीं बल्कि रेलवे लाइन पर पहुंची। अप लाइन पर मालगाड़ी को आता देखकर वह पटरियों के बीच बैठ गई।

दूर से आरपीएफ इंस्पेक्टर एपी माथुर ने यह देखा तो उन्होंने दो आरपीएफ जवानों को दौड़ कर महिला को बचाने के लिए कहा। आरपीएफ जवानों ने हिम्मत दिखा कर ट्रेन के आगे से महिला को खींच लिया। इतने पर महिला चिल्ला-चिल्ला कर मरने देने के लिए प्रार्थना करने लगी। महिला पर मौत का जुनून सवार था।

आरपीएफ जवान  उसे स्टेशन पर लाए। वहाँ उससे पूछताछ की गई तो उसने कुछ न बताया। इस पर उसे चाय-बिस्कुट खिलाने के बाद समझाया गया तो महिला फफक पड़ी। उसने बताया कि उसके पति आठ एकड़ जमीन के मालिक हैं।

उसके चार बच्चों हैं, जिन्हें वह जी-जान से प्यार करती है। पर उसके पति सुखपाल सिंह उसे छोटी-छोटी जरूरत के लिए भी रूपये नहीं देते। इसी बात पर पखवारे भर पहले वह पति से झगड़ कर घर से निकली। जब उसे कहीं भी ठौर न मिला तो उसने जान देने की ठान ली।

उसकी दास्तान सुन कर आरपीएफ इंस्पेक्टर ने महिला कांस्टेबिल के साथ सोमवती को जीआरपी थाने पहुंचवा दिया। वहाँ से जीआरपी इंस्पेक्टर एमपी सिंह ने महिला के परिजनों को खबर करने के लिए बीसलपुर पुलिस से बात की। बुधवार तक सोमवती के परिजनों के यहाँ पहँुचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

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