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मुस्लिम प्रधानमंत्री

हालांकि कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी ने कोई नई बात नहीं कही, लेकिन जिस माहौल में उनसे मुस्लिम प्रधानमंत्री की संभावना पर संवाद हुआ वह एक नए और सदभावपूर्ण भारत का सपना देखने जैसा है। ऐसे सवाल पिछले कई सालों में दलितों और पिछड़ों के बारे में जरूर पूछे गए हैं, इसलिए मुस्लिमों के बारे में भी पूछा जाना सकारात्मक माहौल का संकेत है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की एक छात्र के इस सवाल पर राहुल गांधी ने एक सूझबूझ भरा जवाब दिया और कोई परिपक्व नेता ऐसा ही करता।

उनका यह कहना उचित ही है कि जब भी कोई मुस्लिम प्रधानमंत्री बनेगा तो वह इसलिए बनेगा क्योंकि वह सर्वाधिक योग्य व्यक्ति है, जैसे कि मनमोहन सिंह एक सिख होने के नाते नहीं बल्कि योग्यतम व्यक्ति होने के नाते उस पद पर हैं। पर जब संसद में लिब्रहान आयोग की रपट पर बहस चल रही हो, तब राजधानी से थोड़ी दूर अलीगढ़ जैसे शिक्षा के मुस्लिम गढ़ से यह सवाल उठना इस बात का संकेत है कि देश का मुस्लिम युवक राजनीति की मुख्यधारा में आने को बेचैन है। चाहे अयोध्या आंदोलन हो या समय-समय पर उठने वाली आतंकवादी लहर हो, देश का मुस्लिम मानस इन झटकों को झेल कर उबरता रहा है।

आज अगर अलीगढ़ के पढ़े-लिखे युवा यह सवाल पूछ रहे हैं तो जाहिर है कि वे इस लोकतंत्र में अपना योगदान देते हुए सर्वोच्च पद पर पहुंचने के सपने देख रहे हैं। दरअसल संयुक्त भारत की राजनीति में कमजोर संख्या बल के नाते दरकिनार होने की आशंका के चलते मुस्लिम नेतृत्व ने विभाजन का रास्ता चुना था। इसलिए स्वाधीन भारत में रह रहे अल्पसंख्यक समुदाय के मन से यह भय निकालना जरूरी है। समय-समय पर देश के योग्य मुस्लिमों को राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद से नवाजा भी गया है।

पर यहां सवाल यह भी उठता है कि आखिर क्यों देश के योग्यतम मुस्लिम को राष्ट्रपति का सजावटी पद सौंप कर संतुष्ट कर दिया जाता है? उसके हाथ में देश की नीतियों का निर्धारण करने और प्रशासन को चलाने की शक्ति क्यों नहीं दी जाती? जाहिर है अलीगढ़ की उस छात्र का सवाल उसका अपना ही सवाल नहीं है। वह मुस्लिम ही नहीं धर्मनिरपेक्ष समाज का भी सवाल है। राहुल गांधी ने इसके जवाब में मुस्लिम युवकों से राजनीति में भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया है, लेकिन इसका जवाब चौतरफा संवाद और भागीदारी बढ़ाने में है। यह कार्यक्रम किसी एक पार्टी का नहीं देश की सभी पार्टियों का होना चाहिए ताकि अल्पसंख्यकों की उम्मीद बनी रहे और सपना पूरा हो सके।

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