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हॉट सिटी में भू उपयोग बदलने का गोरखधंधा

हॉट सिटी में भू उपयोग बदलने का गोरखधंधा जोरों पर चल रहा है। बंद फैक्ट्रियों की जगह पर आलीशान इमारतें खड़ी हो रही है। आरटीआई के तहत सूचना मांगने पर यूपीएसआईडीसी लोगों से आपत्ति मांग रही है। सूचना नहीं मिलने पर आवेदक ने राज्य सूचना आयोग की शरण ली है।


यूपीएसआईडीसी ने जिले में कई औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए। इन औद्योगिक क्षेत्रों के काफी उद्योग बंद हो गए। इन बंद पड़ी फैक्ट्रियों को आलीशान होटलों और बिल्डिंगों में तब्दील किया जा रहा है। भू उपयोग परिवर्तन कराए बिना इनमें से कई बिल्डिंगों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कुछ में चल रहा है।


कड़कड़ मॉडल गांव निवासी सुशील राघव ने आरोप लगाया कि औद्योगिक क्षेत्र की जमीनों को अब होटलों में बदला जा रहा है। आरटीआई के तहत जानकारी मांगने पर भी यूपीएसआईडीसी ने कोई जवाब नहीं दिया। जिस पर आवेदक ने राज्य सूचना आयोग में गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि साहिबाबाद में एक भूखंड में आईटी पार्क की जगह पर कंपनी होटल कम कॉमर्शियल प्रोफेशनल कॉम्पलैक्स बनाना चाह रही है। मेरठ रोड पर एक ग्रुप इंजीनियरिंग गुड्स की जमीन पर सेंटर फॉर एडवांस एजूकेशन बनाने की कवायद में जुटा है। मेरठ रोड पर भी एक फैक्ट्री की जमीन पर होटल बन रहा है। इसी तरह साहिबाबाद में पांच भूखंडों पर होटल बनाने की कवायद चल रही है। आरटीआई डलते ही यूपीएसआईडीसी ने भू उपयोग परिवर्तन पर लोगों से आपत्ति मांग ली। जिस पर सुशील राघव ने आपत्ति लगा दी है और इसे अधिग्रहण शर्तो का उल्लंघन करार दिया है।

औद्योगिक क्षेत्र
साहिबाबाद, राजेंद्र नगर, मोहन नगर, लोनी, मेरठ रोड, कवि नगर, बुलंदशहर रोड आदि।

कहां है गड़बड़ी
औद्योगिक क्षेत्र की जमीन पर बनाए जा रहे होटल, कॉमर्शियल कॉम्पलैक्स, एजूकेशन सेंटर।

क्यों हुआ अधिग्रहण
सार्वजनिक प्रयोजन और औद्योगिक विकास के लिए हुआ था खेती की जमीन का अधिग्रहण।
कुलदीप त्यागी

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