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पुलिस भर्ती में मेडिकल फिटनेस में उगाही का प्रकरण

पुलिस भर्ती में मेडिकल फिटनेस देने के नाम पर दीनदयाल अस्पताल में अभ्यर्थियों से हुई उगाही प्रकरण ने महत्वपूर्ण मोड़ ले लिया है। चर्चा के मुताबिक अभ्यर्थियों के नाम फिटनेस के लिए काटी गई ओपीडी की रसीद का ब्योरा मंगलवार मिलने के बाद जांच प्रक्रिया तेज हो गई।

प्राप्त ब्योरे समेत उस ‘नोटिस’ में दर्ज हैंडराइटिंग का मिलान भी किया जा रहा है, जो 18 नवंबर को कथित तौर पर सीएमएस डॉ. कामता प्रसाद की ओर से अस्पताल में चस्पा करते हुए अभ्यर्थियों को पैसा वापस करने के बारे में सूचित किया गया था।

सीएमएस डॉ. प्रसाद द्वारा गठित जांच टीम ने आज भी कई कर्मचारियों व चिकित्सकों के बयान दर्ज किये। उस जनरल रजिस्टर का ब्योरा भी दर्ज किया गया जिसमें 77 अभ्यर्थियों के नाम ओपीडी की रसीद काटी गयी थी। जानकारों की मानें तो गत माह 17 नवंबर को अपराह्न 2 बजे ओपीडी बंद होने के बाद पुलिस भर्ती के लिए आये कुल 77 अभ्यर्थियों के नाम ओपीडी की रसीद काटी गयी।

उस दिन ओपीडी के जनरल रजिस्टर में प्रथम रोगी क्रम नंबर- 7550 शिव कुमार गिरि (35 वर्ष) और रसीद संख्या 122612 दर्ज किया गया। दूसरी मरीज गरिमा यादव (10 वर्ष) का ओपीडी पर्चा संख्या- 121673, क्रम संख्या- 7551 और अंतिम रोगी कांती देवी (50 वर्ष, क्रम संख्या- 7570, ओपीडी पर्चा नंबर-117985) थीं। इसी क्रम में आगे पुलिस भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों के नाम ओपीडी का पर्चा काटा गया।

जिसमें प्रथम अभ्यर्थी 21 वर्षीय अमित कुमार गुप्ता (क्रम संख्या- 7571 एवं ओपीडी पर्चा नंबर- 123752), दूसरा अभ्यर्थी 20 वर्षीय राज.. (क्र.सं.- 7572, पर्चा नं.- 124086) और अंतिम अभ्यर्थी 21 वर्षीय नंदू राम (क्र.सं.- 7648 तथा ओपीडी पर्चा नं.- 123687) दर्ज है। रोचक यह भी कि दूसरे दिन यानि 18 नवंबर से किसी भी अभ्यर्थी के नाम न तो ओपीडी की रसीद काटी गयी और न ही जनरल रजिस्टर में उनका नाम दर्ज हुआ। गौरतलब है कि ‘हिन्दुस्तान’ ने बीते 7 दिसंबर के अंक में ही इस बात की ओर संकेत किया था कि ‘रोगी’ के तौर पर ओपीडी का पर्चा मिलने के बाद अभ्यर्थी डॉक्टर के पास गये ही नहीं। इधर, चर्चा है कि उन 77 अभ्यर्थियों में से सिर्फ एक का ही पैथालॉजी टेस्ट आदि किया गया था।

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