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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में परीक्षा समिति की बैठक

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में स्नातक स्तर पर 45 फीसदी अंक पाने वालों के सेकेंड डिवीजन मिलेगी। अभी तक 48 फीसदी अंक पर सेकेंड डिवीजन प्राप्त होती थी। यह महत्वपूर्ण फैसला मंगलवार की शाम परीक्षा समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

नई व्यवस्था के तहत रिजल्ट निकलने के 90 दिन के भीतर ही अंकपत्र और प्रमाणपत्र संबंधी त्रुटियां दूर कराने के लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद के आवेदन स्वीकार्य नहीं होंगे। अभी तक कोई समय सीमा निर्धारित नहीं थी।

स्नातक स्नातकोत्तर में प्रत्येक पेपर में 25 फीसदी न्यूनतम अंक पास होने के लिए अनिवार्य कर दिया है। परीक्षा समिति ने नकल में पकड़े गए छात्रों के मामले को निस्तारण के लिए परीक्षा नियंत्रक के संयोजकत्व में 3 सदस्यीय समिति गठित की है। स्क्रूटनी के मामलों के शीघ्रता से निस्तारण के लिए भी एक समिति का गठन किया गया है। नियमित से व्यक्तिगत परीक्षार्थी होने के लिए एक नियमावाली बनेगी।

2008-09 के दीक्षांत समारोह में 38 पाठ्यक्रमों में सर्वाधिक अंक पाने वाले छात्र-छात्रओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। जिन दो सत्रों में दीक्षांत समारोह न होने पानी की वजह से मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक नहीं मिल सका है, उन्हें दीक्षांत समारोह के पूर्व होने वाली र्हिसल में कुलपति स्वर्ण पदक प्रदान करेंगे।

दीक्षांत समारोह में उपाधि लेने वालों को 700 रुपये जमा करने होंगे। इसमें 200 रुपये उपाधि शुल्क भी शामिल है। शेष 500 रुपये की धनराशि में गाउन धुलाई के 100 रुपये काटकर बाकी छात्र को वापस हो जाएंगे। जो दीक्षांत समारोह में डिग्री नहीं लेगा, उसे बाद में 500 रुपये जमा करने होंगे।

परीक्षा समिति ने 49 शोध उपाधियों को भी मंजूरी प्रदान कर दी। कुलपति प्रो. अवधराम की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुलसचिव इंदुपति झा, परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर नंदलाल और चीफ प्राक्टर प्रो. एमबी शुक्ल सहित अन्य सदस्य शामिल थे।

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