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यूनिट टेस्ट के जरिए हो रहा बोर्ड परीक्षार्थियों का आंकलन

सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर स्कूलों में यूनिट टेस्ट शुरु हो गए हैं। बोर्ड परीक्षार्थियों को सभी विषयों का रिविजन कराने के लिए स्कूल प्रबंधन यूनिट टेस्ट पर जोर दे रहे हैं। ताकि बच्चाों की बौद्धिक क्षमता का आंकलन कर उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं लगाई जा सकें। साथ ही स्कूलों में शॉर्ट नोट्स, अनसॉल्वड पेपर हल कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सभी विषयों की पढ़ाई छोड़ स्कूल प्रबंधक छात्रों को इनके महत्वपूर्ण तथ्य याद कराने में जुट गए हैं।


सीबीएसई बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं मार्च से शुरु होनी है। बोर्ड की ओर से परीक्षाओं की डेटशीट अभी जारी नहीं की गई है। यह डेटशीट दिसंबर के आखिरी सप्ताह में जारी की जानी है। बोर्ड की ओर से मार्च में परीक्षा शुरु होने की घोषणा होने के बाद स्कूल प्रबंधकों ने कमर कस ली है। प्रतिस्पर्धा की दौड़ में हर स्कूल बेहतर प्रदर्शन के प्रयास में लगा हुआ है। इस बार दसवीं की बोर्ड परीक्षा ग्रेडिंग प्रणाली के तहत आयोजित की जानी है। ऐसे में दसवीं के छात्रों को ग्रेडिंग परीक्षा के लिए तैयार करना स्कूल प्रबंधकों के लिए चुनौती बना हुआ है। बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए स्कूलों में यूनिट टेस्ट के दौर शुरु हो गए हैं। ताकि छात्र यूनिट टेस्ट के साथ बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे रहे।


विद्या मंदिर पब्लिक स्कूल सेक्टर-15 के प्रिंसिपल आनंद गुप्ता का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों की बौद्धिक क्षमता का आंकलन करने के लिए पी-बोर्ड परीक्षा का आयोजन किया जाता है। यूनिट टेस्ट बोर्ड परीक्षा का पहला चरण है। इसके आधार पर सभी विषयों को यूनिट में बांट कर छात्रों की परीक्षा ली जाती है। ताकि विषय के सभी यूनिट पर छात्र की पकड़ का अंदाजा लगाया जा सके। डिवाइन पब्लिक स्कूल के प्रिंसीपल एस एस गुसाईं ने बताया कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए परीक्षार्थियों को नोट्स उपलब्ध कराए गए हैं। टीचर बोर्ड परीक्षार्थियों को विषय के महत्वपूर्ण तथ्यों को समझा रहे हैं।

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