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सहकारी समितियों के लिए वैद्यनाथन समिति की दूसरी किस्त माँगी

प्रदेश सरकार ने सहकारिता चुनाव कराकर वैद्यनाथन समिति की सिफारिशों की दूसरी किस्त पाने का रास्ता साफ कर लिया है। अब केन्द्र सरकार को पत्र लिखा गया है कि सहकारी समितियों के सभी इकाइयों के चुनाव कराए जा रहे हैं और अब इनके संचालन के लिए दूसरी किस्त जारी की जाए। दूसरी किस्त के रूप में करीब 400 करोड़ रुपए केन्द्र से माँगे गए हैं।

केन्द्र सरकार ने सहकारी आंदोलन को सही दिशा देने के लिए वैद्यनाथन कमेटी का गठन किया था और उसकी सिफारिश के आधार पर राज्य को मदद देनी शुरू की थी। दो साल पहले सहकारी संगठनों को भंग कर प्रशासक बिठाए गए तो केन्द्र ने सहकारी समितियों को चलाने के लिए आर्थिक मदद बंद कर दी थी।

राज्य सरकार ने सहकारी समितियों के चुनाव शुरू करा कर 90 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। लिहाजा केन्द्र से आर्थिक मदद फिर माँगी गई है।

सहकारी समितियों से किसानों को खाद, बीज और अन्य कृषि वाली सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा इन समितियों से उन्हें कृषि के लिए ऋण भी दिया जाता है। 49 जिला सहकारी बैंकों में से आधा दजर्न बैंकों की हालत भी खस्ता है। केन्द्र से मदद मिलेगी तो बीमार समितियों की सेहत सुधरेगी।

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