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खाद की कमी के लिए केन्द्र जिम्मेदारः कृषि मंत्री

प्रदेश के कृषि मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण ने आरोप लगाया है कि केन्द्र सूबे को माँग के अनुरूप खाद ही नहीं दे रही है। प्रदेश में खाद की किल्लत का मुख्य कारण केन्द्र से कम खाद मिलना है। प्रदेश में खाद की किल्लत के लिए केन्द्र जिम्मेदार है।

कमी के बाद भी प्रदेश सरकार खाद और बीज के वितरण की उचित व्यवस्था करा रही है। कंट्रोल रूम भी खोला गया है। इसका 0522-4155999 है। कृषि मंत्री ने मंगलवार को विभागीय समीक्षा करने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि केन्द्र सरकार ने राज्य में अलग-अलग तरह की नीति अपनाई है।

बुंदेलखंड में दूसरी नीति और बाकी प्रदेश में दूसरी। खाद का आवंटन प्रदेश में केन्द्र सरकार द्वारा ही किया जाता है। जिस खाद की यहाँ जरूरत है, वही सबसे कम उपलब्ध है। यह पूछे जाने पर कि सरकारी दस्तावेजों में यूपी में खाद ज्यादा उपलब्ध है और किसानों को आधी से कम बाँटी गई है, ऐसा क्यों है? उन्होंने कहा कि जो खाद मौजूद है, उसकी अभी आवश्यकता ही नहीं है। इस समय एनकेपी और डीएपी खाद की जरूरत होती है, और यूरिया का स्टाक ज्यादा है।

कृषि मंत्री ने बताया कि नेपाल के लिए की जा रही खाद की तस्करी रोकने के लिए सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों और एसएसपी को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे कृषि विभाग और सहकारिता विभाग के अफसरों के साथ काम्बिंग करें। इसके परिणाम भी अच्छे आए हैं औरर कई जगहों से खाद तस्करों को पुलिस ने दबोचा भी है। अच्छे बीज पैदा करने के लिए किसानों की सहभागिता से एक योजना भी राज्य सरकार ने चलाई है। जिसका व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है।

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