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सड़क हादसों से बचना है तो लगाए धुंध में रिफलेक्टर

 धुंध में हादसों को रोकने के लिए वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर लगाना होगा। इसको सख्ती से लागू किया जाएगा। जिससे सर्दी के मौसम में हादसों को रोका जा सके।


सड़क पर दौड़ने वाले कर्मशल वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य होता है। जिससे टेल लाइट खराब होने की स्थिति में पीछे से आने वाले वाहनों को आगे वाहन चलने का पता चल सके। इसके साथ ही सड़क के किनारे खड़े वाहनों की भी जानकारी हो जाती है। लेकिन,ज्यादातर वाहनों में चालक इसको दरकिनार कर देते हैं। जिससे हादसों की संभावना बढ़ जाती है। खासतौर पर,धुंध पड़ने के समय गाड़ियों की सही जानकारी नहीं हो पाती है और पीछे से चालक भिड़ कर घायल हो जाते हैं। 


कर्मशल वाहनों में ट्रैक्टर-ट्राला के पीछे कोई लाइट नहीं होती है। इसके साथ ही ट्रकों,टैंपो और ऑटो चालक में भी इस नियम को धता बता कर सड़कों को लाल करने के लिए  बेलगाम दौड़ते हैं। आरटीओ लालजी चौधरी ने बताया कि कर्मशल वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य किया जा रहा है। नए वाहनों में तो इसको लगाए बगैर फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता लेकिन पुराने वाहनों में संचालक नहीं लगाते। इसके न होने से खासतौर पर सड़क के किनारे खड़ी गाड़ियों से हादसे हो जाते हैं। रिफ्लेक्टर लगाने पर  जोर देने के लिए सभी टीमों को निर्देश दे दिए गए हैं। जिससे धुंध पड़ने के समय तक इसको पूरा किया जा सके और शहरवासियों को सुरक्षित सफर दिया जा सके।

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