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इंटर्न के भरोसे चल रहा है महिला अस्पताल का ओपीडी

महिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी का आलम यह है कि पूरा ओपीडी सिर्फ इंटर्न के भरोसे चल रहा है। मंगलवार को भी महिला अस्पताल का ओपीडी दो इंटर्न के भरोसे ही था। बीच-बीच में कोई सीनियर डॉक्टर आ जाए तो ठीक वरना इंटर्न ही मरीजों को देख भी रहे थे ओर उन्हें दवाएं भी दे रहे थे। यह सिर्फ एक दिन की बात नहीं है अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण ऐसा अक्सर होता है।


मंगलवार को ओपीडी में रोगियों की जांच अस्पताल में ट्रेनिंग के लिए आए मेडिकल स्टूडेंट कर रहे थे। यह सामान्य है मगर ये इंटर्न मरीजों की जांच सीनियर डॉक्टरों की देखरेख में ही करते हैं। लेकिन महिला अस्पताल में ये ही ओपीडी की कमान संभालते हैं। इसके कारण मरीजों को कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है। उन्हें कई बार ऐसे लक्ष्ण भी हो सकते हैं जो इन इटर्न की पकड़ में ना आएं। दूसरी बात यह है कि इंटर्न स्टूडेंट हैं ऐसे में उन पर भरोसा करके अस्पताल आने वाले मरीजों को छोड़ देना उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना ही है।
अस्पताल की वरिष्ठ डॉक्टर के मुताबिक अस्पताल में डॉक्टरों की बहुत कमी है। ऐसे में हम इमरजेंसी और लेबर रूम को तो इंटर्न के हवाले नहीं छोड़ सकते हैं। इसलिए हमें मजबूरन ओपीडी में उन्हें लगाना पड़ता है मगर हम पूरी कोशिश करते हैं कि कोई ना कोई सीनियर डॉक्टर वहां मौजूद हो।

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