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रनों के तूफान में नहाएगा संतरों का शहर

रनों के तूफान में नहाएगा संतरों का शहर

ट्वंटी 20 वर्ल्ड कप के उपविजेता श्रीलंका और पूर्व चैंपियन भारत के बीच बुधवार को होने वाले पहले 20-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में युवा खिलाड़ियों की फड़कती बाजुओं और कई पुराने धुरंधरों की जांबाजी से फटाफट क्रिकेट का एक जलजला उठेगा।

भारत और श्रीलंका के खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के भारत और दक्षिण अफ्रीका में हुए पहले दो संस्करणों में एक दूसरे के साथ और एक दूसरे के खिलाफ भी खेल चुके हैं। क्रिकेट के इस दनादन स्वरूप में दोनों टीमों के खिलाड़ी एक दूसरे के मजबूत और कमजोर पक्षों से बखूबी वाकिफ हैं और वे जानते हैं कि 20-20 का खेल ऐसा है जिसमें एक साथ ही अपना सब कुछ झोंकना क्योंकि यहां वापसी करने की कोई गुंजाइश नहीं होती है।

दोनों ही टीमें धुरंधर खिलाड़ियों से भरपूर है। इनमें कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हैं कि वे जब मैदान में उतरते हैं तो देखने वालों की आंखे चकाचौंध हो जाती हैं और दूधिया रोशनी में गेंद आसमान में उड़ती नजर आती है। जब भारतीय टीम में तूफानी बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग, धुरंधर ओपनर गौतम गंभीर, गोल्डन कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी, बेरहम आलराउंडर मोहम्मद यूसुफ, खतरनाक सुरेश रैना, रोहित शर्मा और सिक्सर किंग युवराज सिंह हों तो निश्चित ही मैदान में जलजला उठेगा।

दूसरी तरफ, श्रीलंकाई टीम में पुराने खलीफा सनथ जयसूर्या, दनादन क्रिकेट के मास्टर तिलकरत्ने दिलशान, कप्तान कुमार संगकारा, स्टाइलिश बल्लेबाज महेला जयवर्धने और उभरते आलराउंडर एंजेलो मैथ्यूज जैसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं। ऐसे खिलाड़ियों की मौजूदगी में दोनों टीमों के बीच वाकई संतरों के शहर में रनों का जूस निकलेगा।

ट्वंटी 20 को आमतौर पर बल्लेबाजों का खेल माना जाता है और सहवाग, धोनी, युवराज, गंभीर, रैना तथा जयसूर्या, दिलशान, संगकारा, जयवर्धने जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी में दर्शकों की बल्ले-बल्ले होना तो निश्चित ही है। ऐसे बल्लेबाजों की मौजूदगी गेंदबाजों की शामत ला सकती है जहां एक गेंदबाज के पास सिर्फ चार ओवर होते हैं और उसे इन्हीं चार ओवरों में अपना कमाल दिखाना होता है।
 
यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय बल्लेबाज लसित मलिंगा की अगूंठे तोड़ने वाली यार्करों से कैसे निपटते हैं। मैथ्यूज, नुवान कुलशेखरा और चनाका वेलेगेदरा भी फटाफट क्रिकेट के उपयोगी गेंदबाज हैं। ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन का इस मैच में खेलना अभी सुनिश्चत नहीं है। उनके हाथ की उंगुली में चोट है लेकिन अजंता मेंडिस अपनी कैरम गेंदों का कमाल 20-20 में दिखा सकते हैं। मेंडिस भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ज्यादा सफल नहीं हो सके थे।

दूसरी तरफ भारत ने अपने दो सबसे अनुभवी गेंदबाजों जहीर खान और ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को 20-20 मैचों से विश्राम दिया है, लेकिन टीम में लौटे एस श्रीसंत और युवा तेज गेंदबाज सुदीप त्यागी निश्चित ही कुछ कर दिखाने की फिराक में होंगे। कानपुर और मुंबई टेस्ट में नहीं खेले युवा तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा के लिए भी यह मुकाबला कड़ी परीक्षा की घड़ी होगा। जहीर की अनुपस्थिति में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा पर भारतीय तेज आक्रमण की अगुआई करने की जिम्मेदारी होगी। स्पिन विभाग यूसुफ पठान, रैना और युवराज की कामचलाऊ स्पिन गेंदबाजी के अलावा लेफ्ट आर्म स्पिनर प्रज्ञान ओझा की विशेषज्ञता पर निर्भर करेगा।

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